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Yamuna Nagar News: धुंधकारी की कथा का किया वर्णन

Sun, 08 Dec 2024 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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साढौरा। श्री श्याम गोशाला में रविवार को आठ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा की शुरुआत से पहले कलश यात्रा निकाली गई। इसके बाद विधिवत व्यास पूजन करके कथा की शुरुआत हुई। कथा व्यास मथुरा की आनंदमूर्ति प्रिय किशोरी भारद्वाज ने धुंधकारी की कथा का संगीतमय वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत की कथा धन्य है। इसे सुनने मात्र से धुंधकारी जैसे पापी को मुक्ति मिल गई। कलयुग में सभी साधनों के नष्ट हो जाने से मानव कल्याण के लिए ही शुकदेव जी ने महाराज परीक्षित को भागवत की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि तुंगभद्रा नदी के तट पर आत्मदेव नामक एक व्यक्ति रहता था। उसकी पत्नी का नाम धुंधुली था।
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इनके दो बेटे गोकर्ण और धुंधकारी दोनों गुरुकुल गए। गुरुकुल में धुंधकारी गलत संगत से प्रभावित हो गया। एक दिन उसने अपनी माता को मार डाला। पिता व्यथित होकर वन चले गए। धुंधकारी दुराचार में लिप्त हो गया। एक दिन उन्हीं महिलाओं ने धुंधकारी को मार डाला। मरने के बाद धुंधकारी भूत बन गया।
धुंधकारी का भाई अपने घर में सोया रहता था, तभी प्रेत धुंधकारी ने आवाज लगाई कि भाई मुझे इस योनि से छुड़ाओ। गौकर्ण त्रिकाल संध्या की पूजा करते थे। वह सूर्यनारायण भगवान से पूछते हैं कि इसके लिए क्या उपाय करना पड़ेगा। सूर्यनारायण ने कहा कि तुम सात गांठ बांस मंगाओं और भागवत का आयोजन करो। हर दिन बांस की गांठ धीरे-धीरे फट जाती है, जो सात दिन फटती है।
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तब भागवत कथा के प्रभाव से पवित्र होकर धुंधकारी एक दिव्य रूप धारण करके सामने खड़ा हो जाता है। भागवत कथा का शुभारंभ सिग्नेचर पैनल के एमडी लाला राजकुमार ने किया। उन्होंने गोशाला को एक लाख का सहयोग देने की घोषणा की। इस दौरान विहिप भारतीय गोवंश रक्षण एवं संवर्धन के प्रांत प्रमुख महंत शोभा दास, अमित सेतिया, रामकुमार निजामपुर, सुरमुख सिंह ढलौर, शिवकुमार कौशिक, सोनू पंवार, अमित सैनी सरावां व राजेश्वर दयाल मौजूद रहे।
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