टेंडर होने के तीन महीने बाद भी ठेकेदार ने सड़कों का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया। नगर निगम के अधिकारी भी लापरवाह बने रहे। नगर निगम मेयर ने वार्ड का दौरा किया तो निगम प्रशासन के ढुलमुल रवैये की पोल खोल गई। मेयर ने निगम अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि यदि दो-तीन दिन में काम शुरू न हो तो ठेकेदार को नोटिस भेजें।
मेयर सरोज बाला और कुछ पार्षदों ने शुक्रवार को वार्ड नंबर-10 का दौरा किया। उनके साथ डिप्टी मेयर रामपाल, वार्ड 10 एसमसी सतपाल, वार्ड 14 की पार्षद निर्मल चौहान, वार्ड 13 के पार्षद नीलू पंडित और वार्ड 17 की पार्षद सुशल जावला के पति अमन जावला साथ के अलावा जेई और सेनेटरी इंस्पेक्टर भी थे।
वार्ड 10 के आजाद नगर पहुंचने पर यहां रहने वालों ने मेयर और पार्षदों के समक्ष अपना दुखड़ा रोया। आजाद नगर की गलियों में पानी की निकासी का इंतजाम आज तक नहीं हो पाया है। कॉलोनी के अंतिम छोर से कुछ दूरी पर पश्चिमी यमुना नहर है।
पहले गलियों की नालियों का पानी अंतिम छोर पर जाकर खाली प्लॉटों में जमा होता रहता था लेकिन अब अधिकतर खाली प्लॉटों पर मकान बना लिए गए हैं। इस कारण पानी गलियों में ही जमा होने लगा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि गली नंबर 11, 12, 13 और 13 बी. में पानी निकासी नहीं है। बरसात शुरू होते ही बरसाती पानी गलियों में जमा हो जाता है।
वार्ड एमसी सतपाल ने भी लोगों की समस्याओं को मेयर के समक्ष रखा। मेयर ने जेई को आजाद नगर की गलियों में पानी निकासी की समस्या को दूर करने के निर्देश दिए। मेयर ने डिप्टी मेयर और पार्षदों से विचार-विमर्श के बाद जेई को निर्देश दिए कि इन गलियों की नालियों को सीवरेज से जोड़ दिया जाए ताकि गलियों में पानी जमा न हो। जेई ने इस पर जल्द काम शुरू करने की बात कही।
वार्ड एससी सतपाल ने मेयर को बताया कि आजाद नगर की गली नंबर एक, छह और चार की सड़क बनाने के लिए तीन महीने पहले टेंडर हो चुके हैं, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं किया गया है। मेयर ने ठेेकेदार को मौके पर बुलवाया। मेयर और डिप्टी मेयर ने ठेकेदार को लताड़ा। ठेकेदार ने दो-तीन दिन में काम शुरू करने का आश्वासन दिया। मेयर ने अधिकारियों को कहा कि यदि दो-तीन दिन में काम शुरू न हुआ तो ठेकेदार को नोटिस भेजें।
दो साल में दूसरी बार वार्ड का दौरा करने निकली मेयर
दो साल में मेयर दूसरी बाद वार्डों का दौरा करने निकली हैं। इससे पहले उनकी मौजूदगी नगर निगम मेयर कार्यालय तक ही सीमित रही है। यहां तक की पिछले दो साल से नगर निगम हाउस की मीटिंग की नियमित रूप से नहीं हो पाई है। अब तक मात्र आठ बार ही हाउस की मीटिंग हो पाई है। इस कारण निगम क्षेत्र के विकास कार्य भी स्पीड नहीं पकड़ पाए हैं। कुछ पार्षद दबी जुबान में इसकी वजह मेयर का काफी सीधा-सादा होने मानते हैं।
वार्ड नंबर 10 का दौरा कर वहां की समस्याएं जानी हैं। जल्द ही इन दिक्कतों को दूर करवाया जाएगा। अन्य वार्डों में भी दौरा कर वहां चल रहे विकास कार्यों और वहां की समस्याओं का जायजा लिया जाएगा।
सरोज बाला, मेयर, नगर निगम