संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बारिश के बाद डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया जैसे मच्छर जनित रोग दस्तक दे चुके हैं, पर अभी तक फॉगिंग शुरू नहीं हुई है। ऐसे में रोगों के पांव पसारने की आशंका है। बारिश के जलभराव में लगातार मच्छर पनप रहे हैं। मच्छरों की बढ़ती संख्या का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ने लगा है।
स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में इस सीजन के चार डेंगू, दो चिकनगुनिया व एक मलेरिया केस आ चुके हैं। इसके अलावा निजी अस्पतालों व क्लीनिकों में भी संदिग्ध मरीज आ रहे हैं। यह देख शहर के लोग फॉगिंग की मांग कर रहे हैं, पर मच्छर जनित रोगों के पीक सीजन में संबंधित विभागों के अफसर विस चुनाव की तैयारियों में व्यस्त हैं, जिसके चलते हर साल अगस्त-सितंबर में होने वाली फॉगिंग का इस बार शेड्यूल भी नहीं बन पाया है।
जलभराव, कीचड़ व गंदगी में बढ़ रहे मच्छर- बारिश होने पर शहर के पॉश क्षेत्र से लेकर रिहायशी कॉलोनियों, मोहल्लों व गांवों में सड़कों व गलियों में जलभराव के हालात हो रहे हैं। दशमेश कॉलोनी, आजाद नगर, लाजपत नगर, विजय कॉलोनी, जसवंत कॉलोनी जैसे निचले इलाकों में बारिश के बाद कई घंटे बाद पानी नाले-नालियों के जरिए उतरता है। इसके बाद नाले-नालियों से निकली गंदगी से गलियों में कीचड़ हो जाता है।
साथ ही शहर में कचरा उठान भी नियमित नहीं है, जिससे कचरा गलियों-सड़कों व प्लॉटों में बिखरा पड़ा है। इससे डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया फैलने का खतरा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी जगह-जगह लारवा मिल रहा है। निजी अस्पतालों व क्लीनिकों में मच्छर जनित रोगों के संदिग्ध बढ़ रहे हैं। शमेश कॉलोनी के सतेंद्र, राजकुमार, प्रमोद, संजय ने कहा कि इस बार भी समय रहते फॉगिंग नहीं की गई तो गत वर्षों जैसे मच्छर जनित डेंगू, डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया जैसे रोग पांव पसार लेंगे। इसलिए अगस्त व सितंबर में फॉगिंग कराई जाए।
निवर्तमान पार्षद रामआसरा भारद्वाज, विनोद मरवाह, निर्मल चौहान ने कहा कि गत वर्षों में भी डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया जैसे रोग पूरी तरह पांव पसार चुके थे, तब नगर निगम को फॉगिंग कराने की याद आई थी। इस गलती से सबक लेने के बजाय इस बार भी इसे दोहराया जा रहा है। अगस्त व सितंबर मच्छर जनित रोगों का पीक सीजन होता है। नगर निगम अफसर विस चुनाव की तैयारी में लग गए हैं, जबकि इस समय फॉगिंग जरूरी है। निगम आयुक्त से मिलकर फागिंग कराए जाने की मांग की जाएगी।
फॉगिंग के लिए संबंधित अफसरों को निर्देश देंगे। जलभराव से बचाव में टीमें लगी हैं। कचरा उठान भी एजेंसी को नियमित करने के निर्देश दिए हैं। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।