यमुनानगर। मानसून की बरसात में शहर को जलभराव से बचाने की तैयारी बंद कमरों में बैठकें व टेंडर करने तक सीमित है। अब तक नाले-नालियों की सफाई शुरू नहीं हुई, वहीं निकासी के निर्माण कार्य भी अधर में लटके हैं, हालांकि इस बारे डीसी व मेयर गत सप्ताह बैठकों में निर्देश दे चुके हैं, बावजूद इसके जमीनी स्तर पर ना तो नगर निगम अफसर और ना उनका काम दिख पाया है।
मानसून को दो माह का समय शेष है। इससे पहले प्री-मानसून की बरसात से भी शहर में जलभराव की आशंका है, क्योंकि इसके बचाव में प्रशासनिक तैयारी अधूरी है। मौजूदा समय में जगाधरी और यमुनानगर, दोनों शहरों में छोटे-बड़े नाले गंदगी से अटे हैं। कई नालों में घास और झाड़ उगे हैं, वहीं नए बने व निर्माणाधीन नाले-नालियों की निकासी ठप है। इससे लोगों को जलभराव की आफत झेलनी पड़ेगी।
शहीद भगत सिंह चौक से बूड़िया चौक तक दोनों ओर नाले वर्ष-2017 में बने। यहां पीडब्ल्यूडी व एनएचएआई ने अपने-अपने हिस्से के रोड पर नालों का निर्माण कराया। इनकी 6 करोड़ लागत बताई गई, किंतु इन्हें किसी बड़े नाले व स्टॉर्म ड्रेन से न जोड़ने से नाले पांच साल से पानी निकासी के बजाए गंदगी का पर्याय बन रहे हैं। जगह-जगह झाड़ उगे हैं, वहीं चैंबर भी टूटकर नाले में गिर चुके हैं, जो हादसे की वजह बन रहे हैं।
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अंडरग्राउंड हुई नालियों की सफाई नहीं
शहर की अधिक्तर नालियां अंडरग्राउंड हो चुकी हैं, लेकिन उनकी कभी सफाई नहीं हुई। ये नालियां जाम पड़ी हैं। कई जगह तो नालियों में सड़क के पानी की निकासी के लिए छोड़े जाल भी गंदगी से ब्लॉक या गायब हैं। ऐसी नालियों की सफाई के लिए नगर निगम के पास संसाधनों का भी अभाव है। ------------
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29 नालों की सफाई टेंडर में उलझी
ट्विनसिटी (यमुनानगर-जगाधरी) में नगर निगम के अंतर्गत बड़े-छोटे 39 नाले हैं। जिन्हें सफाई के लिए अफसरों ने दो जोन में बांटा, जिनमें जोन-1 में वार्ड-1 से 7 के 12 नाले व जोन-2 में वार्ड-8 से 22 के 27 नाले शामिल हैं। दोनों जोन के अलग-अलग टेंडर किए दो सप्ताह हो चुके हैं, पर यव्ह काम सिरे नहीं चढ़ा है।
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निकासी के ये काम भी लटके
शहर के निकासी के बड़े प्रोजेक्ट के रूप में जगाधरी के आते नाले को यमुनानगर की कॉलोनियों के बजाए पुराने एनएच-73 के किनारे से जम्मू कॉलोनी में डिचड्रेन तक स्टॉर्म वाटर ड्रेन का काम अधर में लटका है। जो मानसून से पहले पूरा होता नहीं दिख रहा। इसके अलावा आजादनगर से गोल्डनपुरी तक नाले व दशमेश कॉलोनी सहित कई कॉलोनियों में निगम व अमरुत के निकासी के काम अधूरं हैं। विपक्षी पार्षदों में वार्ड-4 से देवेंद्र सिंह व वार्ड-13 से निर्मल चौहान ने कहा कि बीते वर्षों की तरह निगम प्रशासन की मानसून को लेकर अधूरी तैयारी शहरवासियों पर जलभराव के रूप में भारी पड़ेगी। अभी तक बैठकों व टेंडर से आगे जमीनी स्तर पर काम नहीं लगा है।
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वर्जन
दो दिन पहले ही इंजीनियरिंग ब्रांच अफसरों की बैठक लेकर निर्देश दिए हैं कि मानसून से पहले पानी निकासी के लिए नालियों, स्टॉर्म वाटर ड्रेन व पाइप लाइन के काम निपटाएं। इसमें कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और काम में कमी पर जिम्मेदार ठेकेदार व अफसर पर कार्रवाई अमल में लाएंगे।
- मदन चौहान, मेयर, नगर निगम।