यमुनानगर के गधौली कलां गांव के मोड पर लगे नाके का मामला बुधवार को कष्ट निवारण समिति की बैठक में उछला ही नहीं बल्कि फरियादी को खुद भी मंत्री के गुस्से का सामना करना पड़ गया। दरअसल, बात तब बिगड़ गई जब गधौली कलां गांव के शिकायतकर्ता कुलदीप ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, अनुसूचित जाति विभाग के मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के सामने अपने ही गांव के सरपंच द्वारा टोल प्लाजा के अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर गांव के मोड पर नाका लगाकर अवैध वसूली का आरोप लगाया।
फरियादी ने यहां तक आरोप लगाते हुए कह दिया इस अवैध वसूली को न तो पुलिस और न ही प्रदेश सरकार रोक पा रही है। इस मंत्री बेदी फरियादी पर भड़क गए और कहा उनकी सरकार को ऐसा न बोलिए उनकी सरकार क्या-क्या कार्य कर रही बारी-बारी से मंत्री ने फरियादी को योजनाएं गिनवाकर नसीहत देते उन्हें अपने शब्द वापस लेने को कहा। बता दें कष्ट निवारण समिति की बैठक में 19 परिवाद आए, जिनमें से 14 का निपटान और पांच को अगली बैठक के लिए लंबित रख लिया गया है।
एसडीएम बोले, सीसीटीवी लगे हैं कोई अवैध वसूली नहीं
इस पर मंत्री बेदी ने एसडीएम सोनू राम को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा। तब उन्होंने बताया कि फरियादी की शिकायत मिलने पर मौके पर जाकर निरीक्षण किया जिसमें गांव के मोड पर नाका मिला है। ये नाका इसलिए लगा है ताकि गांव की तरफ आने वाले भारी वाहनों से पुलिया को नुकसान न सके। एसडीएम ने मंत्री को बताया कि गांव में दो गुट बने हैं एक गुट इस नाके से सहमत है तो दूसरा विरोध कर रहा है।
लेकिन, जिस जगह पर नाका लगा हुआ है वहां सीसीटीवी लगा हुआ जिसकी फुटेज की जांच करने पर कोई अवैध वसूली नहीं पाई गई। उधर, मंत्री बेदी ने एसडीएम की बात सुनने के बाद पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को दूसरी जगह पर पुल का निर्माण करने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा है। मंत्री ने कहा जब दूसरा पुल बन जाएगा इसे नाका भी खत्म हो जाएगा। बता दें अंबाला-जगाधरी हाईवे पर गधौली गांव में टोल प्लाजा है जिससे बचने के लिए भारी वाहन इस गांव से होकर गुजरते हैं। भारी वाहनों के गुजरने के कारण गांव के मोड पर बनी पुलिया को नुकसान पहुंच रहा है पुलिया को नुकसान न हो इसलिए मोड पर नाका लगाया गया है।