विदेश भेजने के नाम पर सारन गांव निवासी सतीश कुमार से 18 लाख रुपये ठग लिए गए। आरोप कुरुक्षेत्र के जोगना खेड़ा गांव निवासी अशोक कुमार, उसके भाई रवि कुमार व उनके पिता अमरचंद और अंबाला के उगाला गांव निवासी उधम सिंह पर लगा है। आरोपियों ने पहले उसे इटली भेजने का झांसा दिया। बाद में कनाडा भेजने का झांसा उसे थाईलैंड व मलेशिया भिजवा दिया। छप्पर थाना पुलिस ने चारों आरोपियों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सारन गांव निवासी सतीश कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि साल 2023 में वह विदेश जाना चाहता था। इसके लिए जनवरी 2023 में उसकी मुलाकात अंबाला के उगाला निवासी उधम सिंह से हुई। आरोपी रेलवे में कर्मचारी है। उसने उसे कहा कि वह विदेश भेजने के एजेंट जोगना खेड़ा गांव निवासी अशोक को जानता है। वह अपने भाई रवि के साथ मिलकर लोगों को विदेश भेजने का काम करता है।
पांच फरवरी 2023 को तीनों आरोपी उसके घर पर आए और इटली भिजवाने के लिए 14 लाख रुपये का खर्च बताया। आरोपियों ने उसे बताया कि उन्होंने 40-50 युवाओं को विदेश भेजा है। जो अब दो से तीन लाख रुपये प्रति माह कमा रहे हैं। उनकी बातों में आकर वह इटली जाने को तैयार हो गया। उस समय आरोपियों ने एक लाख रुपये बतौर एडवांस लिए और उसके दस्तावेज लेकर एक फाइल तैयार कर दी। जिसे दिल्ली एंबेसी में जमा कराने के लिए कहा। उनके कहने पर यह फाइल एंबेसी में जमा करा आए। 28 अप्रैल को आरोपियों ने रसिया का वीजा लगा हुआ पासपोर्ट उसे दिया और कहा कि विदेश जाने का काम लगभग पूरा हो गया है।
इसके लिए आरोपियों ने दस लाख रुपये और उससे लिए। बाद में आरोपियों ने उसे दिल्ली बुलाया और वहां सात दिन रखा। जिसके बाद दिल्ली से कलकत्ता और वहां से रसिया के लिए फ्लाइट कराई। इसके बाद आरोपियों ने उसे रसिया भिजवा दिया। वहां से दो नंबर में बॉर्डर पार कराया। जहां वह कई दिन जंगलों में रहा। बाद में उसे पुलिस ने पकड़ लिया। 16 मई को रसिया पुलिस ने अदालत में पेश किया। जहां से देश छोड़ने का आदेश हुआ। जिस पर वह वापस लौट आया। यहां आकर आरोपियों से रुपये वापस मांगे। काफी दबाव बनाने के बाद उन्होंने साढ़े छह लाख रुपये वापस कर दिए।
जबकि शेष साढ़े तीन लाख रुपये व पासपोर्ट देने के लिए समय मांगा। सतीश कुमार ने बताया कि आरोपियों ने बाद में फिर से उसे कनाडा भेजने का झांसा देकर तैयार कर लिया और उसका दूसरा पासपोर्ट बनवाया। इस बार आरोपियों ने साढ़े पांच लाख रुपये लिए और उसे थाईलैंड भिजवा दिया। वहां से मलेशिया भिजवाया। एक माह तक मलेशिया में रहा। वहां से वापस थाईलैंड भिजवा दिया। जब काफी समय बीत गया तो वहां से अपने ही खर्च पर टिकट कराकर वह वापस लौट आया।
उसने आरोपियों से अपने रुपये मांगे, लेकिन आरोपियों ने उसके रुपये देने से मना कर दिया। इस तरह आरोपियों ने उसे दो बार विदेश भेजने का झांसा देकर 18 लाख रुपये ठग लिए। छप्पर थाना प्रभारी प्रमोद कुमार वालिया का कहना है कि मामले में चारों आरोपियों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।