प्रतापनगर। विदेशों में सर्दी के मौसम में अधिक बर्फ जम जाने के कारण भोजन पानी की समस्या से जूझते हजारों की संख्या में प्रवासी पक्षी हर साल जिले का रुख करते हैं। यहां पर नहरी क्षेत्र में इनका जमावड़ा देखने को मिलता है क्योंकि यहां का सर्दी का सीजन इनको खूब भाता है। अब जैसे ही फरवरी-मार्च के महीने में मौसम में गर्माहट आने लगी तो प्रवासी पक्षी भी अपने वतन वापस लौटने लगते हैं। इसका नजारा हथिनीकुंड बैराज पर आए दिन देखने को मिल रहा है।
हथिनीकुंड बैराज पर हर वर्ष सर्दी के मौसम में सैकड़ों की संख्या में विभिन्न प्रजातियों के विदेशी पक्षी देखने को मिलते हैं। विदेशी पक्षी यहां पर पर्यटकों के लिए खूब मनोरंजन का साधन बनते हैं। जिनको देखने के लिए पर्यटक भी यहां भारी संख्या में पहुंचते हैं। नहर में पानी पीते, चहल कदमी करते इन प्रवासी पक्षियों को देखने से प्रतीत होता है कि यहां का वातावरण इन्हें खूब भाता है। इस समय नेशनल पार्क कलेसर, हथिनीकुंड बैराज, ताजेवाला, नहर घाट, दादूपूर हेड व पश्चिमी नहर बूड़िया समेत अन्य जगहों पर प्रवासी पक्षी सर्दी के मौसम में देखे जा सकते हैं। राष्ट्रीय उद्यान कलेसर और साथ लगते नहरी इलाके में सर्दी के मौसम में विदेशी साइबेरियन, मुर्गाबी, पिंटेल डक, पोर्ट बिल, बार हेडिड गूज एवं कूट आदि प्रवासी मेहमान यहां पहुंचते हैं।
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सुविधाएं मिले तो बढ़ेगी संख्या...
जिस प्रकार से विदेशी मेहमान सर्दी के सीजन में हजारों मील का सफर तय कर भारत में विभिन्न जगहों पर पहुंचते हैं। ऐसे में सरकार की तरफ से प्रवासी पक्षियों के लिए ऐसा स्थान निश्चित किया जाए जहां पर वह सुरक्षित महसूस करें और उनको अनुकूल वातावरण मिले। उनको अगर यहां पर रहने व खाने पीने के लिए व पर्याप्त जगह मिले तो यह प्रवासी पक्षी नहरी क्षेत्र की शोभा बढ़ाते रहेंगे।
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प्रवासी पक्षियों के लिए बढ़ाई जाती है गश्त
सर्दी के सीजन में नहरी क्षेत्र में पहुंचने वाले प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा को लेकर वन्य प्राणी विभाग सतर्क रहता है। यहां पहुंचने वाले पक्षियों की सुरक्षा को देखते हुए गश्त बढ़ा दी जाती है ताकि यहां पर घूमने वाले पर्यटक प्रवासी पक्षियों को परेशान न करें ओर उनका शिकार आदि न कर लें।
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कई पक्षियों को सर्दी का मौसम पसंद हैं: सुुनील तंवर
वन्य प्राणी विभाग के जिला अधिकारी सुनील तंवर ने बताया कि विदेशी पक्षी मौसम में गर्माहट आते ही धीरे धीरे वतन वापसी करने लगते हैं। फिलहाल हथिनीकुंड बैराज, ताजेवाला, दादूपुर हेड, पश्चिमी नहर, बूड़िया घाट, हमीदा घाट समेत नहर के किनारे प्रवासी पक्षी देखे जा सकते हैं। कुछ पक्षी तो यहां के वातावरण के अनुसार मार्च-अप्रैल में भी यहां देखे जा सकते हैं, लेकिन पिंटेल डक, स्पोर्ट बिल, हेडिड गूज ऐसे पक्षी हैं जो केवल सर्दी में ही यहां आते हैं और फरवरी-मार्च में अपने वतन वापस लौट जाते हैं।