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मेनहोल पहले सड़क से ऊंचे बनाए, अब कर दिए नीचे

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लघु सचिवालय के सामने सड़क के नीचे पानी निकासी के लिए डाली गई पाइप लाइन के मेनहोल नगर निगम अधिकारियों की इंजीनियरिंग का नमूना है। मेनहोल को पहले सड़क से डेढ़ फीट तक ऊंचा बना दिया। गलती का पता चला तो अब सभी मेनहोल को सड़क से लेवल से नीचा कर दिया। इधर सड़क को चौड़ा करने का काम चल रहा है। सड़क बनने से सारे मेनहोल नीचे दब जाएंगे। मेनहोल के ढक्कन नीचे दबने से लाइन की सफाई नहीं हो पाएगी। यदि सफाई करनी पड़ी तो करोड़ों रुपये से बन रही पीडब्ल्यूडी की सड़क को तोड़ना पड़ेगा। सड़क बनाते समय जेसीबी से की गई खोदाई के दौरान कुछ मेनहोल पहले ही टूट चुके हैं।
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जगाधरी के गंदे पानी को यमुनानगर तक ले जाने के लिए नगर निगम द्वारा अमरूत योजना के तहत सड़क किनारे पाइप लाइन डाली गई है। निकासी के लिए जो पाइप डाला गया उसकी मोटाई करीब साढ़े पांच फीट है। इस परियोजना पर करीब 11.80 करोड़ रुपये की लागत आनी है। पाइप डालने का काम एक साल से चल रहा है। हालांकि अभी तक जगाधरी से पंचायत भवन तक ही पाइप लाइन डली है। पंचायत भवन से कन्हैया साहिब चौक तक पाइप कब डलेगा यह तय नहीं है। सड़क का काम कछुआ गति से चलने से वाहन चालक परेशान हैं। इससे सड़क पर हर समय जाम लग रहा है।
कैल से कलानौर पहले एनएच-73 था। सहारनपुर-पंचकूला बाईपास बनने के बाद पुराने हाईवे की करीब 22 किलोमीटर सड़क को बाद में पीडब्ल्यूडी को ट्रांसफर कर दिया गया था। इस सड़क को चौड़ा करने की घोषणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने की थी। 22 किलोमीटर लंबी इस सड़क को चौड़ा करने पर 46 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सड़क की चौड़ाई सात मीटर से बढ़ाकर 10 मीटर होगी। सड़क का जो हिस्सा शहर में है उसे फोरलेन करना है। फोरलेन के बीच में डिवाइडर भी बनाया जाना है। महाराणा प्रताप चौक से भाई कन्हैया साहिब चौक तक डिवाइडर बन भी चुका है। हालांकि सड़क बननी अभी बाकी है। पहले ही पाइप लाइन डालने की वजह से सड़क बनाने में देरी हो चुकी है।
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नगर निगम ने ही पाइप लाइन डालने के दौरान सारे मेनहोल को बनाया है। पहले यह मेनहोल सड़क से ऊंचे थे। अब यह नीचे हो गए हैं तो सड़क के नीचे दब जाएंगे। यह मामला जानकारी में आया है। इस बारे में नगर निगम अधिकारियों से बात करेंगे ताकि नुकसान न हो। क्योंकि एक बार मेनहोल नीचे दब गया तो सफाई करने में दिक्कत आएगी।
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विनोद शर्मा, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी।
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