संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। शहर की इंदिरा मार्केट में 11 से 17 नवंबर तक श्रीराम कथा करवाई जा रही है। यह कथा दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से की ओर से करवाई जा रही है। कथा का पहले दिन कथावाचक ने भगवान श्रीराम के गुणों से श्रद्धालुओं से अवगत कराया।
अतिथि भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री फनींदर नाथ शर्मा व विश्व हिंदू परिषद के उत्तर क्षेत्र के संगठन मंत्री मुकेश विनायक खांडेकर ने दीप प्रज्ज्वलित कर कथा का शुभारंभ किया। गुरुदेव की शिष्या साध्वी श्रेया भारती ने कहा कि भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता में राम कथा का विशिष्ट स्थान है। श्रीराम के बिना भारतीयता का अस्तित्व एवं उसकी पहचान भी संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि हमारे जीवन का आधार प्रभु श्रीराम है, लेकिन उन्हें हम अपनी बुद्धि से कभी समझ नहीं सकते हैं। शास्त्र कहते हैं कि राम अतर्क्य बुद्धि मन वाणी बुद्धि की एक सीमा होती है और सीमित बुद्धि से असीम को नहीं पाया जा सकता है। जहां बुद्धि की सीमा समाप्त होती है, वहीं से ज्ञान का प्रारंभ होता है।
उन्होंने माता सती के प्रसंग से समझाया कि सती बुद्धि से इंद्रियों से श्रीराम की लीला और उनके रहस्य को समझना चाहती थीं पर असफल रहीं। इसी प्रकार मन, बुद्धि से हम अध्यात्म को समझ नहीं सकते हैं। चूंकि अध्यात्म का अर्थ होता है आत्मा का अध्ययन और आत्मानुभूति, जो केवल एक गुरु की कृपा से ही हम कर सकते हैं। पूर्ण गुरु ही हमें संशयों के बवंडर से निकाल कर अध्यात्म की डगर पर ले जाते हैं।