संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जमना गली समीप जिस रेलवे पुल से ट्रेन से कटकर दो बहने पश्चिमी यमुना नहर में गिरीं, वहां से एसके रोड से अंडरपास के रास्ते आने-जाने में पांच मिनट ज्यादा लगते हैं। यही पांच मिनट बचाने के चक्कर में लोग जिंदगी दांव पर लगा रहे हैं।
रेलवे पुल से निकलते समय कई लोग जान गंवा चुके हैं, तब भी कोई सबक नहीं ले रहा। रविवार की दोपहर भी हादसे के बाद रेल पुल से लोगों का आना-जाना लगा रहा। इस पर आरपीएफ की कार्रवाई बनती है, पर पुल पर आवाजाही की मनाही का बोर्ड लगाने तक कार्रवाई सीमित नजर आ रही है।
रेलवे पुल के साथ एसके (सहारनपुर-कुरुक्षेत्र) रोड को शहर से जमना गली समीप बना अंडरपास सीधे जोड़ता है। रेलवे फाटक की जगह बने इस अंडरपास से मई-2023 में आवाजाही शुरू हो गई थी।
इसके बाद भी कई लोग एसके रोड से अंडरपास के रास्ते आने-जाने के बजाए नहर पर बने तीनों रेलवे पुलों से आना-जाना कर रहे हैं। यही लापरवाही रविवार हुए हादसे की वजह रही। हादसे के बाद मौके पर जुट लोग भी यह कहते सुनाई दिए कि एसके रोड से अंडरपास के रास्ते पांच मिनट ज्यादा लगते है।
इस साल पुल सहित रेल लाइन क्रॉसिंग में 25 मौत
जिले में रेलवे ने लगभग सभी मुख्य रेल फाटक के रास्ते बंद कर वहां अंडरपास व आरओबी बना दिए हैं। इन फाटक के बंद होने पर ट्रैफिक जाम लग जाता था, वहीं बंद फाटक के नीचे से निकलने के प्रयास में ट्रेन की चपेट में आकर जान गंवा बैठते थे। उम्मीद थी कि अंडरपास व आरओबी से ट्रेन से होने वाले हादसों में कमी आएगी, पर इस साल पुल सहित ट्रैक पार करते समय 25 की मौत हो चुकी है।
पुल पर ट्रेन के साथ सेल्फी ले गई थी दो की जान
इस रेलवे पुल पर 10 मई 2017 में भी दर्दनाक हादसा हो चुका है। हादसे के चश्मदीद ने बताया था कि दो युवक रेल पुल पर खड़े होकर ट्रेन के साथ सेल्फी ले रहे थे। इस दौरान ट्रेन की टक्कर से बचने के लिए भागने की कोशिश भी की, पर ट्रेन ने दोनों को चपेट में ले लिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके अलावा भी आधा दर्जन लोगों की रेलवे पुल पर ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो चुकी है।