संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। पानी पीने के लिए तेंदूए आजात आश्रम का रुख कर रहे हैं। पिछले कई दिनों से तेंदुए यहां पानी के तालाब पर देखे जा रहे हैं। जंगल में आसपास पानी नहीं है, जिस कारण तेंदुए आजात आश्रम में बने कुंड में पानी पीने पहुंच रहे हैं।
ग्रामीणों ने वन्य प्राणी विभाग से जंगल में जंगली जानवरों के लिए तालाब बनाने की मांग की है, ताकि जंगली जानवर जंगल से बाहर निकल कर आम जनता को परेशान न कर सके। ग्रामीणों के अनुसार पिछले लगभग 2 सप्ताह से जंगल से निकलकर तेंदुए अजात आश्रम के कुंड पर देखे जा रहे हैं। जो यहां पानी पीने आते हैं और लौट जाते हैं।
बताया जा रहा है कि चिक्कन जंगल में पानी का कोई तालाब नहीं है जिसके चलते प्यास बुझाने के लिए जंगली जानवर साथ लगते अजात आश्रम के कुंड में पहुंच रहे हैं। 2011 से जंगल के बीच बने अजात आश्रम में एक युवा साधक शिवपुत्र महाराज आश्रम में एकांतवास में रहकर बीते 13 वर्षों से मौन साधना कर रहे हैं। आश्रम के संत शाम पांच बजे जैसे ही मंदिर से बाहर निकले तो उन्होंने देखा कि मंदिर परिसर में पानी की टंकी के समीप एक तेंदुआ खड़ा है। उन्होंने देखा की तेंदुआ पानी पीकर लौट रहा है।
उन्होंने बताया कि पिछले कई दिनों से यहां पर जंगली तेंदुआ देखा जा रहा है जो यहां कुंड में पानी पीने आता है और पीकर वापस लौट जाता है। जिला वन्य प्राणी निरीक्षक लीलू राम ने बताया कि चिक्कन आश्रम के साथ लगते जंगल में तेंदुए है। जंगली जानवरों के लिए पानी के तालाब बनाए जा रहे हैं ताकि जंगली जानवर पानी के लिए बाहर न आएं।