यमुनानगर। गर्मी बढ़ने के साथ बनसंतोर स्थित हाथी पुनर्वास केंद्र में हथिनियाें की पानी में अठखेलियां शुरू हो गई हैं। केंद्र के दोनों तालाब में रोज सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक चारों हथिनियाें को नहलाया जा रहा है, जिससे वह तपिश व लू से बची रहें। इसके अलावा हथिनियों की डाइट में भी बदलाव किया है, जिसमें उन्हें ज्वार, तरबूज, खीरा खिलाने शुरू कर दिए हैं।
दो घंटे पानी में चारों हथिनियों की एक-दूसरे के साथ मस्ती देखने लायक है। हथिनियां सूंड में पानी भरकर खुद पर तो कभी दूसरे पर गिराती दिख रही हैं। कलेसर नेशनल पार्क से सटे बनसंतोर वन में चौधरी सुरेंद्र सिंह हाथी पुनर्वास केंद्र करीब 50 एकड़ में बना है। अभी यहां अलग-अलग जगह से रेस्क्यू कर लाई गईं 82 वर्षीय चंचल, 62 वर्षीय लक्ष्मी-1, 41 वर्षीय लक्ष्मी-2 व 46 वर्षीय लीली हथिनियां हैं।
वन्य जीव निरीक्षक लीलू राम ने बताया कि अभी गन्ना नहीं है, इसलिए हथिनियों को गन्ने के स्थान पर कुछ दिनों पहले ज्वार देना शुरू किया है। जब तक गन्ना नहीं आता, तब तक ज्वार दिया जाएगा। ज्वार के अलावा हथिनियाें को गर्मी के मौसम में खीरा, तरबूज व दलिया (पका हुआ) देने लगे हैं। 82 वर्षीय चंचल को रोज दो क्विंटल ज्वार, 20 किलो फल, 30 किलो सब्जी व 15 किलो दलिया दे रहे हैं।
62 वर्षीय लक्ष्मी-1, 41 वर्षीय लक्ष्मी-2 व 46 वर्षीय लीली को ढाई क्विंटल ज्वार, पांच किलो फल, 15 किलो सब्जी, छह किलो दलिया दे रहे हैं। साथ ही सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक दो घंटे हथिनियाें को दोनों तालाब में नहाने के लिए छोड़ा जा रहा है, जिससे उनके शरीर के तापमान में संतुलन बना रहे और उन्हें गर्मी व लू से बचाया जा सके। संवाद