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Yamuna Nagar News: यमुनानगर रोडवेज के बेड़े में बढ़ने के बजाय घट गई बसें

Sat, 26 Apr 2025 03:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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यमुनानगर। हरियाणा रोडवेज के यमुनानगर डिपो पर 225 बसों की आवश्यकता है पर इस मांग को अभी तक पूरा नहीं किया गया है। रोडवेज के बेड़े में बसें बढ़ने के बजाय घट गई हैं। एक साल पहले डिपो में 190 बसें थीं, जो अब घटकर 157 रह गईं। ऐसे में रोडवेज अफसर चाहकर भी न नए रूटों पर बस सेवा शुरू कर पा रहे हैं और न चालू रूटों पर बसों के फेरे बढ़ा पा रहे। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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जानकारी के अनुसार यमुनानगर डिपो में अप्रैल-2024 में 190 बसें हो गई थी। इस दौरान बेडे में करीब 70 नई बीएस-6 बसें शामिल हुई थीं। इसके अलावा किमी. स्कीम की दस, दस एसी व पांच पिंक बसों सहित सिटी बस सेवा की पांच इलेक्ट्रिक एसी बसें भी शामिल थीं। हालांकि यमुनानगर में 265 बसों का बेडा है, पर जरूरी रूटों के संचालन के लिए करीब 225 बसों की आवश्यकता है। इस हिसाब से बसों की संख्या पहले ही कम थी। कई बसों के कंडम होने के साथ ही डिपो की कई नई बीएस-6 बसें एनसीआर भेजने से डिपो पर बसों की संख्या लगातार कम होती चली गई। मौजूदा समय में बसें घट कर 157 रह गई हैं। इतनी कम बसों में डिपो से सभी जरूरी रूटों पर संचालन चुनौती बन गया है। डिपो से रोडवेज बस सेवा में विस्तार के लिए नए रूट शुरू करने तो दूर चालू रूटों पर भी बस सेवा में कटौती करनी पड़ रही है। इन हालात में लोग मजबूरन निजी या कामर्शियल वाहनों से आने-जाने पर मजबूर हैं। संवाद
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बंद रूट चलाने व बसें बढ़ाने की मांग-
यमुनानगर से कलानौर, जठलाना, रादौर, थाना छप्पर, साढौरा, बिलासपुर, छछरौली, खिजराबाद, पांवटा साहिब के रास्ते साथ लगते कई लिंक मार्गों पर रोडवेज बस सेवा नहीं है। जिले से बाहर अन्य जिलों व राज्यों के कई रूट बंद हैं, वहीं कई नए रूटों पर बस सेवा शुरू करने की मांग भी हो रही है। जिन रूटों पर सेवा हैं, उन पर भी बसों के समय कम हैं। हालांकि जिले में 50 इलेक्ट्रिक एसी बसों से जिले के सभी ग्रामीण रूटों को कवर करने की बात की जा रही है, पर सवा साल से केवल पांच इलेक्ट्रिक एसी बसें ही मिल पाई हैं, जो यमुनानगर, जगाधरी दोनों शहरों के साथ छछरौली के ग्रामीण रूट पर चल रही हैं। इसके अलावा अन्य रूटों पर बसें न होने या कम होने से लोग परेशान हैं, जो बंद रूट चलाने व चालू रूटों पर बसें बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
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यात्री संख्या के आधार पर बसें चलाने की मांग
हरियाबांस निवासी शुभम शांडिल्य ने बताया कि गांव से यमुनानगर शहर शिक्षण संस्थान व नौकरी के लिए आना पड़ता है, लेकिन गांव से शहर के लिए सीधी बस सेवा नहीं है। मजबूरन निजी वाहनों के सहारे आना जाना पड़ता है। ऐसे ही जिले के अन्य ग्रामीण रूटों बसें नहीं है या मांग से कम है। इसमें सुधार के लिए सभी ग्रामीण रूटों पर सर्वे कराया होना चाहिए, जिसमें यात्रियों की संख्या के आधार पर बस सेवा की जानी चाहिए।
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जोखिम भरा सफर करते हैं विद्यार्थी-
बूड़िया निवासी रजनी ने बताया कि यमुनानगर व जगाधरी बस स्टैंड से विद्यार्थी दामला, रादौर, कुरुक्षेत्र, मुलाना, हथिनीकुंड सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में बने शिक्षण संस्थान में पढ़ने जाते हैं। हजारों विद्यार्थियों के पास बस पास भी हैं। तब भी काफी विद्यार्थियों को बसों के दरवाजों पर लटक या अंदर खड़े होकर सफर करना पड़ता है और वापसी में कई बार बस मिलती नहीं और ऑटो में महंगा किराया अदा कर आना पड़ता है।

वर्जन-
अभी बसों की संख्या कम है, इसलिए नए रूट शुरू नहीं कर रहे हैं। जल्द बसों की संख्या बढ़ने पर नए रूट शुरू करने के साथ चालू रूटों पर बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे।
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- संजय रावल, महाप्रबंधक, यमुनानगर डिपो।
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