In the residential camp that lasted for 22 days, 18 youth got rid of intoxication
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यमुनानगर। नशा मुक्ति मुहिम के तहत पुलिस लाइन जगाधरी में चल रहे आवासीय कैंप का शनिवार को समापन हो गया। 22 दिन तक चले इस कैंप में 18 युवाओं को रखा गया है। यहां पर इन युवाओं को योग व मेडिटेशन कराया गया। इसके साथ ही उन्हें नशा छोड़ने के लिए धार्मिक व अध्यात्म के माध्यम प्रेरित किया गया। इनका इलाज भी साथ-साथ चलता रहा। कैंप के समापन पर मुख्य अतिथि के रूप में उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सुभाष चंद पहुंचे। इस दौरान कैंप में रहने वाले युवाओं से उनके अनुभव जाने गए। मंच संचालन अधिवक्ता सुशील आर्य ने किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की इस मुहिम की जितनी भी सराहना की जाए, वह कम है। पहली बार पुलिस नशा तस्करों को पकड़ने के साथ-साथ नशा छुड़ाने के लिए भी कार्य कर रही है।
उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सुभाष चंद ने कहा कि मजबूत इच्छाशक्ति से नशा छोड़ा जा सकता है। पुलिस की ओर से इसलिए ही नशा मुक्ति मुहिम सही राह शुरू की गई है। इसके तहत नशे के आदी 340 लोगों का इलाज कराया जा रहा है। इसके साथ ही आवासीय कैंप लगाए जा रहे हैं। पुलिस लाइन में यह तीसरा कैंप था। उन्हें उम्मीद है कि इस कैंप से निकलने वाले युवा दूसरों के लिए भी नजीर बनेंगे और नशा छोड़कर सही राह पर चलेंगे। मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. पारस ने कहा कि कैंप में रहने के बावजूद अभी नशा छोड़ने के लिए इलाज जरूरी है। यह एक दिशा मिली है। इसके लिए नियमित इलाज जरूरी है। यदि किसी को भी इस संबंध में कोई दिक्कत आती है, तो वह सिविल अस्पताल में आए और निशुल्क जांच कराए। नशा छोड़ने के लिए सबसे अधिक जरूरी मजबूत इच्छाशक्ति है। गलत संगत को त्यागना होगा और अपने काम पर ध्यान देना होगा। कैंप के दौरान सेवानिवृत्त प्राचार्या डॉ. विभा गुप्ता, डा. पायल रावत, अधिवक्ता सुशील आर्य, सुरेंद्र मदान, फतेह सिंह गिल, एसआई सतपाल आदि मौजूद रहे।