संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर की सड़कों पर बिजली के खंभों और लाइटों से कटी पतंग की तरह लटकते होर्डिंग हादसों को न्योता दे रहे हैं। कहीं राजनीतिक नेताओं के प्रचार वाले होर्डिंग लगे हैं तो कहीं धार्मिक कथाओं और विभिन्न आयोजनों के विज्ञापन शहर की सुंदरता बिगाड़ रहे हैं।
कई होर्डिंग सड़क के तीखे मोड़ और चौराहों पर लगाए गए हैं, जहां से वाहन चालकों को सामने से आने वाला यातायात तक दिखाई नहीं देता। नगर निगम कहीं से होर्डिंग उतारता है तो अगली सुबह वहां पर किसी और का नया होर्डिंग लटका दिखता है। ऐसे में शहर से अवैध होर्डिंग की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है।
नगर निगम क्षेत्र में शायद ही कोई ऐसी सड़क, चौराहा या गली हो, जहां प्रचार सामग्री नजर न आती हो। राजनीतिक कार्यक्रमों से लेकर धार्मिक आयोजनों तक के प्रचार के लिए बिजली के खंभों, स्ट्रीट लाइटों, डिवाइडरों और सड़क किनारे लगे पोल का इस्तेमाल किया जा रहा है। कई जगह होर्डिंग बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मर के आसपास भी लगा दिए गए हैं। इससे शहर की सुंदरता और स्वच्छता प्रभावित होने के साथ सुरक्षा संबंधी खतरा भी बना हुआ है।
निगम की ओर से यूनिपोल पर विज्ञापन लगाने के लिए शुल्क लिया जाता है। यूनिपोल की नीलामी कर एजेंसी को दिया जाता है। इससे एक साल में करीब डेढ़ से पौने दो करोड़ रुपये की आमदनी नगर निगम को होती है। इसके अलावा अन्य स्थानों पर लगाए गए होर्डिंग अवैध माने जाते हैं।
लोग बोले - अवैध होर्डिंग लगाने वालों पर हो कार्रवाई
रामपुरा कॉलोनी के देवेंद्र सिंह, लालद्वारा कॉलोनी के विजय व संजय ने बताया कि सड़क किनारे लगे बड़े-बड़े होर्डिंग वाहन चालकों का ध्यान भटकाते हैं। मोड़ और चौराहों पर इनकी वजह से सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते। कई बार वाहन आपस में टकराने से बाल-बाल बचते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अवैध होर्डिंग हटाए जाएं और इन्हें लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन व प्रचार के लिए शहर में यूनिपोल स्थापित किए गए हैं। एजेंसी को निर्धारित फीस देकर कोई भी इन पर होर्डिंग लगवा सकता है। बाकी जगहों पर लगे अवैध होर्डिंग निगम की ओर से उतारे जाते हैं। - राजेश कुमार, एसडीओ, नगर निगम यमुनानगर जगाधरी।
सेक्टर-17 के मुख्य मार्ग के मोड़ पर लगा अवैध होर्डिंग। संवाद- फोटो : ARchive
सेक्टर-17 के मुख्य मार्ग के मोड़ पर लगा अवैध होर्डिंग। संवाद- फोटो : ARchive