संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अगर सांप डस ले तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए। ना की किसी झाड़-फूंक या अंधविश्वास के चक्कर में पड़ना चाहिए। ऐसे में सांप के डसने को गंभीरता से लेना चाहिए और तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
सांप डसने पर सिर्फ कटे स्थान पर हल्के से पट्टी बांध कर निकट के अस्पताल में जाएं तथा इलाज कराना चाहिए। इसलिए झाड़ फूंक व अंधविश्वास से बचना चाहिए। हालांकि इस साल सांप के डसने का जिले में कोई केस नहीं आया है, केवल हाफिजपुर गांव में गहरे गड्ढे में नागिन के 50 अंडे मिले थे, लेकिन बीते दो सालों में सांप डसने से हुई मौत के चार मामले आ चुके हैं।
30 सितंबर 2024 गांव खारवन में किराये के मकान में रहने वाली 19 वर्षीय नवविवाहिता विद्या की मौत हो गई थी। वह मूलरूप से बिहार के मुजफ्फरनगर की रहने वाली थी। पांच अक्तूबर 2023 को दामला में प्लाईवुड फैक्टरी के क्वार्टर में रह रहे 24 वर्षीय राम किशोर को सांप ने डस लिया था। अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया था। जिस समय उसे सांप ने डसा उसकी आंख खुल गई थी।
इसी तरह 19 अगस्त 2023 को गांव काबुलपुर में व्यक्ति की सांप डसने से मौत हो गई थी। 34 वर्षीय ओमवीर परिवार के साथ छत पर दरी बिछाकर सोया था। रात में जहरीला सांप ओमवीर के कपड़ों में घुस गया। तभी ओमवीर की आंख खुल गई। इस दौरान सांप ने ओमवीर को डस लिया था। ओमवीर गांव रपौली में सैलून चलाता था। 25 अगस्त 2023 को खेत में काम कर रहे बैंडी खजूरी निवासी जयबिंद्र को सांप ने डस लिया था। जिसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में लाया गया।
जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी। इसी वर्ष ही व्यासपुर के पाल गड़रिया मोहल्ला निवासी लेखराज (45) की खेत में काम करते समय सर्पदंश से मौत हो गई थी। लेखराज आमवाला की तरफ अपने खेत में काम कर रहा था। इस दौरान उसे सांप ने डस लिया था।
गड्ढे में नागिन के साथ मिले थे 50 अंडे
15 अप्रैल को हाफिजपुर गांव में बच्चों को खेलते समय सात फीट के गहरे गड्ढे में एक नागिन और करीब 50 अंडे दिखाई दिए थे। इसके बाद यमुनानगर वाइल्डलाइफ को नागिन और उसके अंडों के बारे में सूचना दी गई थी। वाइल्डलाइफ की टीम ने नागिन का रेस्क्यू कर किया और अंडों को भी एक बॉक्स में डालकर अपने साथ ले गई थी। जिन्हें कलेसर के जंगल में छोड़ा जाएगा गया था।
सांप डसे तो न करें ये गलती
लोगों को ये नहीं पता होता है कि अगर सांप डसे तो जहर को शरीर के अन्य अंगों में फैलने से रोकने के लिए उस जगह को कसकर बांध दें। कई बार लोग एक जगह नहीं, बल्कि दो-तीन जगहों पर भी रस्सी से कसकर बंध लगा देते हैं। यही सबसे बड़ी गलती है। ऐसा करने से सांप के डसने वाली जगह पर खून की आपूर्ति रुक जाती है। इसके अलावा लोग उस जगह को धारदार चीज से काट भी देते हैं और सोचते हैं कि जहर निकल रहा है। कई बार लोग मुंह से भी उस जगह के खून को खींचकर थूक देते हैं, लेकिन ये सभी चीजें गलत और जानलेवा है। डॉक्टर के पास तुरंत जाना चाहिए और तभी जान बच सकती है।
जिले में सांप काटने के केस आते रहते हैं। स्वास्थ्य विभाग के पास लोगों को लगाने के लिए एंटी स्नेक वेनम पर्याप्त संख्या में मौजूद है। क्योंकि मानसून सीजन अब शुरू होगा ऐसे में सांप काटने के मामले भी बढ़ जाते हैं। बारिश होने पर सांप के बिलों में पानी भर जाता है और वह बाहर आकर लोगों को काटने लगते हैं। - डाॅ. वागीश गुटेन, जिला निगरानी अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग।