संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मानसून सीजन में जलभराव की वजह बनने वाले जगाधरी से यमुनानगर आ रहे नाले को अधिकांश जगह सीमेंट स्लैब डाल कवर कर दिया है। ये देख निवर्तमान पार्षद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
उनका आरोप है कि नाले को कुछक जगह छोड़ कवर कर दिए जाने से इसकी सफाई मुश्किल होगी। ऐसे में गत वर्षों जैसे सही सफाई न होने से नाला मानसून सीजन में जलभराव करेगा। उनकी मांग है कि स्लैब हटाकर नाले की नियमित सफाई हो, जिससे बारिश में यह जलभराव की वजह न बने।
निवर्तमान पार्षद हरमीन कोहली, विनय कांबोज, रामआसरा भारद्वाज, विनोद मरवाह निर्मल चौहान ने कहा कि शहर का सबसे बड़ा नाला जगाधरी से यमुनानगर आ रहा है। जो दोनों शहरों की दर्जनों कॉलोनियां के बीच से निकल रहा है। यह नाला खासकर मानसून सीजन के दौरान तेज व अधिक बारिश के समय आसपास की कॉलोनियों में जलभराव करता है।
इसके समाधान के लिए वर्षों से योजनाएं बन रही हैं और करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं, बावजूद इसके गत वर्ष भी नाले के ओवरफ्लो होकर पानी ने साथ लगते क्षेत्र में जलभराव किया। ऐसा ही आगामी मानसून सीजन में होने की आशंका है, क्योंकि नाले की सफाई नहीं हो रही। जबकि नाले को ज्यादातर जगह से सीमेंट के स्लैब डाल कवर कर दिया गया है।
कई जगह दूर दूर तक सफाई के लिए जगह भी नहीं छोड़ी गई। ऐसे में सफाई कर्मियों का नाले को सही तरह से सफाई कर पाना मुश्किल होगा। मामले में जल्द निगम आयुक्त से मिलकर नाले की स्लैब हटाकर नियमित सफाई की मांग करेंगे। उधर, मामले में निगमायुक्त आयुष सिन्हा का कहना है कि संबंधित अफसरों को इस संबंध में दिशा निर्देश देंगे। जो भी कार्रवाई नियमानुसार बनेगी, वह अमल में लाई जाएगी।