जिला सचिवालय के ट्रेजरी कार्यालय के गारद रूम में हेड कांस्टेबल ने
बुधवार सुबह खुद को सर्विस राइफल से गोली मार ली। इससे उसकी मौके पर ही मौत
हो गई।
हेड कांस्टेबल ट्रेजरी ड्यूटी पर तैनात था। वारदात की सूचना मिलने
पर सीन ऑफ क्राइम की टीम, एसपी और डीएसपी हेडक्वार्टर, डीएसपी जगाधरी ने
मौके का मुआयना किया। मामले की जांच का जिम्मा डीएसपी जगाधरी को सौंप दिया
गया है। हेड कांस्टेबल के खुद को गोली मारने के कारणों का अभी पता नहीं चल
पाया है।
अंबाला के बराड़ा क्षेत्र के गांव राजौरी निवासी रोशन लाल
(40) शहर पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात था। इन दिनों उसकी ड्यूटी
जिला सचिवालय में ट्रेजरी में थी। मंगलवार रात को रोशन लाल की नाइट ड्यूटी
थी। रात को वह गारद रूम में ही रहता था। बुधवार सुबह जिला सचिवालय में
सफाई करने के लिए सफाई कर्मचारी आए। सफाई के दौरान उन्हें गारद रूम के पास
कांच के टुकड़े और गोली पड़ी दिखाई दी।
गारद रूम का दरवाजा अंदर से बंद था।
सफाई कर्मचारियों ने आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया।
उन्हाेंने दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन रूम का दरवाजा नहीं खुल
पाया। उन्हाेंने इसकी सूचना जिला सचिवालय के अन्य कर्मचारियों को दी।
कर्मचारियों ने दरवाजे से अंदर झांक कर देखा तो अंदर खून पड़ा दिखाई दिया।
तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। शहर जगाधरी थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई।
पुलिस ने हेड कांस्टेबल रोशन लाल के भाई हरियाणा पुलिस में ही कार्यरत
सोमनाथ को भी वहां बुला लिया। सोमनाथ के सामने पुलिस अधिकारियों ने दरवाजे
की कुंडी तोड़कर अंदर प्रवेश किया। डीएसपी जगाधरी राजेश कुमार भी मौके पर
पहुंच गए। भीतर खून से लथपथ रोशन लाल का शव कुर्सी के पास पड़ा हुआ है।
कमरे में खून बिखरा था। शव को देखा कर यह लग रहा था कि हेड कांस्टेबल ने
कुर्सी पर बैठकर राइफल को ठोड़ी पर रखकर स्वयं को गोली मारी। गोली उसकी
ठोड़ी के नीचे से घुसकर सिर से निकलती हुई रोशनदान के शीशे को लगी। छानबीन
के दौरान गोली गारद रूम के बाहर शौचालय के बाहर पड़ी मिली। पुलिस ने हेड
कांस्टेबल के कपड़ों और गारद रूम की तलाशी ली, लेकिन वहां कोई सुसाइड नोट
बरामद नहीं हुआ। एसपी सिबास कविराज और डीएसपी हेड क्वार्टर विजेंद्र विज ने
भी घटनास्थल का दौरा किया।
हादसे में लगी चोट से था परेशान
मृतक
हेड कांस्टेबल रोशन लाल के भाई सोमनाथ ने बताया कि रोशन लाल कुछ दिनों
पहले एक सड़क हादसे में घायल हो गया था। हादसे में उसकी एक टांग पर गंभीर
चोटें आई थी। इससे वह काफी परेशान था। विभाग में कर्मचारियों की कमी के
कारण उसने छुट्टी नहीं ली थी।