यमुनानगर। हथिनी कुंड बैराज की सुरक्षा के मद्देनजर बैराज की डाउनस्ट्रीम के नीचे 546 मीटर लंबी डाया फ्रॉम वॉल बनाई जा रही है। पांच गेट का कार्य मानसून से पहले पूरा कर लिया गया था। अब 13 गेट पर कार्य चल रहा है। इस पूरे कार्य पर लगभग 208 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
हथिनी कुंड बैराज की डाउनस्ट्रीम के नीचे पानी की वजह से यमुना काफी गहरी हो जाती है। बैराज की सुरक्षा तभी हो पाएगी जब उसकी गहराई को भरा जाएगा। ऐसे में सिंचाई विभाग की तरफ से बैराज की सुरक्षा के मध्य नजर विभाग की तरफ से डाउनस्ट्रीम वॉल बनाई गई थी। अब डाउनस्ट्रीम के नीचे डाया फ्रॉम वॉल बनाने का कार्य चल रहा है।
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इस कार्य के लिए पिछले साल 30 दिसंबर को इसका टेंडर हुआ था। दरअसल, पानी के तेज बहाव के कारण हथिनी कुंड बैराज की डाउनस्ट्रीम काफी गहरी हो गई थी। हालांकि कुछ समय पहले उसको भरवाया गया था लेकिन हर वर्ष आने वाले लाखों क्यूसेक पानी से यमुना गहरी हो जाती है। विभाग की तरफ से लगाए गए करोड़ों रुपए के ब्लॉक भी बह जाते हैं। हथिनीकुंड बैराज की डाउनस्ट्रीम के नीचे एक डाया फ्रॉम वॉल (जमीन में बनाई गई एक मजबूत कंक्रीट की दीवार) तैयार की जा रही है। इसकी लंबाई 546 मीटर चौड़ाई 2 मीटर होगी। जिस पर 208 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
हथिनी कुंड बैराज चार राज्यों की सीमा से सटा होने के कारण अतिसंवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। यमुना में उतरना, नहाना, मछली पकड़ना व लकड़ियां पकड़ना या यमुना के किनारे घूमने पर पूरी तरह से प्रतिबंधित है। यहां पर आने जाने वाले हर व्यक्ति पर नजर रखी जाती है। हथिनी कुंड बैराज चार राज्यों को जोड़ने का एकमात्र रास्ता है वहीं पानी का डायवर्सन केंद्र भी है इसलिए यहां की सुरक्षा अति महत्वपूर्ण है।