पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शनिवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से अतिथि अध्यापक जगाधरी पहुंचे और शिक्षामंत्री आवास की ओर कूच किया। इससे पहले जगाधरी के अग्रसेन चौक पर पुलिस की ओर से बैरिकेड लगाया गया था। यहां अध्यापकों और पुलिस के बीच काफी देर तक नोकझोंक हुई।
इसके बाद अतिथि अध्यापकों का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राज्य प्रधान राजेंद्र शास्त्री की अध्यक्षता में शिक्षा मंत्री से मिलने गया, जहां मंत्री ने जल्द ही उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री मनोहर लाल से कराने का आश्वासन दिया। वहीं अतिथि अध्यापकों ने चेतावनी दी कि यदि 17 दिसंबर तक सीएम से मुलाकात नहीं हुई तो 18 दिसंबर को हरियाणा विधानसभा का घेराव करेंगे।
वेतन विसंगति और नियमितीकरण संबंधी विभिन्न मांगों के समर्थन में शनिवार को प्रदर्शनकारी राजकीय अतिथि अध्यापक मंच के बैनर तले प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र शास्त्री की अध्यक्षता में जगाधरी के गुप्ता पैलेस पर एकत्रित हुए। इस दौरान, करनाल, पानीपत, कुरुक्षेत्र, अंबाला, कैथल सहित अन्य जिलों से सुबह ही अतिथि अध्यापक यमुनानगर पहुंच गए।
यहां जुलूस की शक्ल में एकत्रित होकर शिक्षामंत्री आवास कूच कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने जगाधरी के अग्रसेन चौक पर रोक लिया। जब पुलिस ने आगे नहीं जाने दिया तो गुस्साए अतिथि अध्यापक जगाधरी-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे के बीचोंबीच बैठ गए। इससे हाईवे के आधे हिस्से पर जाम लग गया। वाहनों को हाईवे के दूसरी तरफ से निकाला गया।
मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। इसके बाद अतिथि अध्यापकों के प्रतिनिधिमंडल की शिक्षामंत्री से वार्ता हुई। आश्वासन के बाद अतिथि अध्यापक वापस लौट गए। इससे पहले प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए राजेंद्र शास्त्री ने कहा कि अतिथि अध्यापक नियमित अध्यापक से एक तिहाई वेतनमान पर कार्य कर रहे हैं।
वहीं सेवानिवृत्ति के बाद अतिथि अध्यापक खाली हाथ घर जाता है। एक्सग्रेसिया का लेटर जारी कर रद्द कर दिया गया है। इस दौरान नारायणगढ़ से व्हील चेयर पर अतिथि अध्यापक सुनील शास्त्री भी पहुंचे। मंच संचालन राज्य कार्यकारिणी सदस्य सतपाल शर्मा ने किया।
मुख्य वक्ताओं में जसबीर सिंह, संत कुमार, प्रदीप गुर्जर, अमित सिंगला, गुरुदत शास्त्री, कुलदीप चौहान, नवनीत बाजवा, पारस शर्मा, नीलम, विनोद ने अतिथि अध्यापकों की समस्याओं को सबके सामने रखा।