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Yamuna Nagar News: विवाद के बाद आमने-सामने हुए जीआरपी व टीटीई एसोसिएशन

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यमुनानगर। ट्रेन में नशा तस्करी के आरोपी को लेकर जा रहे रेलवे पुलिस के कर्मचारियों से टिकट मांगना टीटीई को भारी पड़ गया। टिकट को लेकर पहले पुलिस कर्मचारियों और टीटीई में बहस हुई। इसके बाद राजकीय रेलवे पुलिस ने टीटीई के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। दूसरी ओर केस दर्ज होने के बाद टीटीई एसोसिएशन ने मोरचा खोल दिया है। इंडियन रेलवे टिकट कलेक्टर स्टाफ एसोसिएशन ने इसे पुलिस की मनमानी बताया है। इसे लेकर अंबाला मंडल ही नहीं बल्कि फिरोजपुर, दिल्ली, मुरादाबाद, लखनऊ, बीकानेर मंडल तक के टीटीई एकजुट हो गए हैं।
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राजकीय रेलवे पुलिस अंबाला सीआईए थाना के उपनिरीक्षक परमजीत सिंह ने सोनीपत रेलवे पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने टीम के साथ नशा तस्करी के आरोपी को पकड़ा था। आरोपी रिमांड पर था और उसे जांच के लिए बेतिया लेकर जाना था। इसके लिए उन्होंने रेलवे की ओर से पास जारी करवाया था। बेतिया से वे 17 फरवरी को लौट रहे थे। वापस आते हुए वे नई दिल्ली स्टेशन पर पहुंचे और यहां से अंबाला जाने वाली 12925 सुपरफास्ट एक्सप्रेस पकड़ी। जब वे सोनीपत पहुंचे तो टीटीई लक्की ने उनसे टिकट मांगा। इस पर उन्होंने जारी पास दिखाया, परंतु टीटीई ने इसे नहीं माना और टिकट दिखाने की बात करने लगा। इसे लेकर टीटीई लक्की ने उनसे बहस की और धक्का मुक्की करने लगा। उपनिरीक्षक ने आरोप लगाया कि इसका फायदा उठाकर आरोपी फरार हो सकता था। पास होने के बावजूद टीटीई ने रेलवे पुलिस कर्मचारियों से अभद्रता की। इसके बाद वह जबरन उन्हें सोनीपत स्टेशन पर उतार दिया गया। इस मामले में पुलिस ने उस ट्रेन व बोगी में यात्रा कर रहे तीन यात्रियों को इसमें चश्मदीद बनाया। साथ ही सोनीपत रेलवे पुलिस को शिकायत दी। इस पर पुलिस ने आरोपी टीटीई के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने जांच के लिए आरोपी टीटीई को नोटिस भी दिया, लेकिन उसने तबीयत खराब होने का हवाला देकर इसे टाल दिया।
दूसरी ओर केस दर्ज होने के बाद टीटीई एसोसिएशन ने भी मोरचा खोल दिया है। इसे लेकर एसोसिएशन के अंबाला मंडल अध्यक्ष जीएस विद्यार्थी ने कहा कि उनका कार्य ट्रेन में टिकट जांचना और लोगों को सहायता देना है। टीटीई लक्की ने भी पुलिस कर्मचारियों से टिकट दिखाने को कहा था। वह करीब छह लोग थे और सभी का पास भी नहीं था। इसके लिए जब टीटीई ने एतराज जताया तो जीआरपी कर्मचारियों ने उससे अभद्रता की और ड्यूटी में बाधा डाली। वहीं यमुनानगर के अंबाला मंडल कार्यकारी अध्यक्ष योगेश शर्मा ने कहा कि मामले में पुलिस ने अपने मुलाजिम का पक्ष लेते हुए यह कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस एफआईआर रद नहीं करती तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
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वर्जनरेलवे पुलिस के उपनिरीक्षक की ओर से शिकायत दी गई थी, जिसमें अन्य यात्रियों को भी शामिल किया गया है। यात्रियों ने इसकी पुष्टि की थी कि टीटीई का व्यवहार व रवैया सही नहीं था। रेलवे पास होने के बाद भी कर्मचारियों को जबरन ट्रेन से उतार दिया गया। केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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धर्मपाल सिंह, प्रभारी, थाना जीआरपी, सोनीपत।
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