युद्ध के हालात दिन प्रतिदिन भयंकर होते जा रहे हैं। खाने-पीने की चीजों की भारी कमी हो गई है। बैंक बंद हैं, इसलिए बैंक से कैश भी नहीं निकलवा पा रहे है। एटीएम से पैसे नहीं मिल पा रहे हैं।
यूक्रेन के खारकीव शहर में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गए हंरियाणा के रादौर के वार्ड नंबर 1 की उधम सिंह कॉलोनी निवासी नायब सिंह के बेटे रोबिन सिंह माहौल खराब होता देख एक फरवरी को अपने दोस्त आमिर अंसारी निवासी मेरठ के साथ वापिस देश लौट आए। उनके यूक्रेन में फंसे दोस्त अभी उनके संपर्क में हैं और वे उन्हें व्हॉट्सएप वीडियो के कॉल के जरिए बता रहे हैं कि वे कैसे बंकरों में छिपकर अपनी जान बच रहे हैं।
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रोबिन सिंह ने बताया कि वह यूक्रेन में एमबीबीएस का चौथे वर्ष का छात्र है। वह वीएन केराजिन यूनिवर्सिटी में पढ़ते हैं। जहां यमुनानगर जिले के 40 से 50 बच्चे एमबीबीएस की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, वहीं यूक्रेन में यमुनानगर के 400 से 500 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि रूस व यूक्रेन के बीच युद्ध होने के हालात लगभग 1 महीना पहले बन गए थे।
रोबिन सिंह ने बताया कि इस समय भारतीय छात्र यूक्रेन में हमले से बचने के लिए अंडर ग्राउंड मेट्रो स्टेशनों, बंकरों, भवनों की बेसमेंट में छिपे हुए हैं। रूस की ओर से गिराए जा रहे बमों से भारतीय छात्र बेहद भयभीत हैं।
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उधर शुक्रवार को रोबिन सिंह के यूक्रेन में रह रहे दोस्त सुमित निवासी जालंधर (पंजाब) ने वीडियो कॉल कर उन्हें जानकारी दी कि युद्ध के हालात दिन प्रतिदिन भयंकर होते जा रहे हैं। खाने-पीने की चीजों की भारी कमी हो गई है। बैंक बंद हैं, इसलिए बैंक से कैश भी नहीं निकलवा पा रहे है। एटीएम से पैसे नहीं मिल पा रहे हैं। लाइट गुल है। वहीं इंटरनेट सेवा बुरी तरह से प्रभावित हो रही है।