संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। साइबर क्राइम थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगी करने वाले गैंग गैंग में शामिल नोएडा की एक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी के चार छात्रों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी छात्र यूपी, बिहार और छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं और आईटी में डिप्लोमा और बी-टेक की पढ़ाई कर रहे हैं। खास बात यह है कि गैंग के तार पाकिस्तान से जुड़ रहे हैं। पाकिस्तान के नंबर से ही पीड़ित को कॉल की गई थी।
एसएचओ साइबर क्राइम थाना रविकांत ने बताया कि पिछले दिनों थर्मल पावर प्लांट में तैनात इंजीनियर रामकुमार ने साइबर क्राइम थाने में एक केस दर्ज कराया था। उनका कहना था कि उसका बेटा पटियाला की यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहा है। उनके पास एक अनजान नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने कहा था कि आपके बेटे ने दुष्कर्म किया है और उसे गिरफ्तार कर लिया है। यदि उसे बचाना चाहते हैं तो एक लाख रुपये दें।
साइबर ठगों के झांसे में आकर रामकुमार ने एक लाख रुपये उनके खाते में ट्रांसफर कर लिए थे। इसके बाद इसके बाद ठगों ने उनके साथ कुल पांच लाख रुपये की ठगी की थी। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी। पुलिस ने उन खातों की जांच की, जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे।
यह खाते नोएडा की एक यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर छात्र जीशान निवासी बेतिया चंपारन बिहार, हाल निवासी शाहीन बाग दिल्ली, अभिनव प्रताप सिंह निवासी गाजीपुर उत्तर प्रदेश, कुंवर लोहताक्ष सिंह निवासी वाराणसी यूपी, आदित्य नथैनियल कुजुर निवासी भिलाई जिला दुर्ग छत्तीसगढ़ को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह बिहार के ही रहने वाले एक युवक के कहने पर काम कर रहे थे। पुलिस ने सभी को रिमांड पर लिया है।
तीन प्रतिशत कमीशन पर बेचते थे खाता
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। साइबर ठगी में पकड़े गए आरोपी छात्रों ने पूछताछ में बताया कि ठगी का असली मास्टर माइंड बिहार का रहने वाला उनका साथी है। वह अभी पुलिस की गिरफ्त से फरार है। उसके कहने पर ही वह गैंग में शामिल हुए थे और अपना खाता बेचते थे। इसके लिए उन्हें तीन प्रतिशत कमिशन मिलता था। एक दिन में 25 से 30 हजार रुपये कमीशन मिल जाता था। बाकी रुपये बिहार निवासी युवक के पास चला जाता था।
ठगी गैंग शातिराना तरीके से वारदात को अंजाम दे रहा था। खास बात यह है कि ठगी के लिए आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस का भी प्रयोग कर रहे थे। रामकुमार से फोन पर बात करते हुए उन्हें विश्वास दिलाने के लिए उनके बेटे की आवाज एआई के माध्यम से ही तैयार की गई थी।
साइबर क्राइम थाना एसएचओ और उनकी टीम के मुताबिक, जिस नंबर से रामकुमार को फोन आया था वह पाकिस्तान का था। जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि गैंग के तार पाकिस्तान से भी जुड़े थे। मुख्य आरोपी के गिरफ्तार होने के बाद ही इसके बारे में आगे खुलासा होगा।
13 राज्यों के लोगों को बनाया शिकार
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने जब केस की पड़ताल करना शुरू की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। ठगी का गैंग भारत के 13 से अधिक राज्यों के लोगों को अपना शिकार बना रहे थे। गैंग के खिलाफ अलग-अलग प्रदेशों में केस भी दर्ज हैं। सभी राज्यों की पुलिस मुख्य आरोपी की तलाश में जुटी है।
27जेएनडी07-रिफाइनरी सिलिंडरों को दिल्ली-पटियाला नेशनल हाईवे से गुजारते हुए। संवाद
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27जेएनडी07-रिफाइनरी सिलिंडरों को दिल्ली-पटियाला नेशनल हाईवे से गुजारते हुए। संवाद
27जेएनडी07-रिफाइनरी सिलिंडरों को दिल्ली-पटियाला नेशनल हाईवे से गुजारते हुए। संवाद
27जेएनडी07-रिफाइनरी सिलिंडरों को दिल्ली-पटियाला नेशनल हाईवे से गुजारते हुए। संवाद