जांच में कम मिले यूरिया के 209 बैग
- यूरिया की कालाबाजारी पर अंकुश नहीं लगा पा रहा कृषि विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जीएसटी विभाग का पत्र मिलने के बाद कृषि एवं कल्याण विभाग के अधिकारियों ने एमएस खाद भंडार करेहड़ा में दुकान का औचक निरीक्षण किया। टीम में विभाग के उपमंडल कृषि अधिकारी सतवीर सिंह, गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक बालमुकुंद व सदर थाना पुलिस शामिल रही।
जांच के दौरान अधिकारियों को दुकान में यूरिया के 209 बैग कम मिले। एमएस खाद भंडार की पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन में 5377 बैग कृषि योग्य यूरिया की एंट्री थी। जबकि मौके पर निरीक्षण करने पर उसके गोदाम में 5168 बैग यूरिया ही मिला। पीओएस के हिसाब से 209 बैग यूरिया कम पाया गया। जिस पर कार्रवाई करते हुए कृषि विभाग ने तुरंत प्रभाव से एमएस खाद भंडार का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया। एमएस खाद स्टोर को इस 209 बैग के बारे में अपना जवाब देने के लिए कहा गया है। वह अपनी सफाई में जो जवाब देगा उसके अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। गुणवत्ता नियंत्रक निरीक्षक बालमुकुंद ने बताया कि हर्षित ट्रेडर्स फर्म को कृषि विभाग द्वारा कोई लाइसेंस नहीं दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली से आई जीएसटी की टीम ने इसी सप्ताह करेहड़ा खुर्द में एमएस खाद भंडार के दस्तावेजों की जांच की थी। जांच के दौरान इसके संचालक द्वारा यूरिया की खरीद व बिक्री काफी अंतर पाया गया। किसानों के हिस्से का यूरिया फैक्टरियों में ग्लू बनाने के लिए बेचा गया। जबकि ग्लू बनाने वाले यूरिया का रेट बहुत ज्यादा होता है। सब्सिडी पर खरीद कर यूरिया फैक्टरियों में भेजा गया। जीएसटी की टीम ने करीब 90 लाख रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी थी। कृषि योग्य यूरिया पर केवल पांच प्रतिशत जीएसटी लगता है। जबकि टेक्निकल यूरिया पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगता है।