सड़क हादसों में जा रही लोगों की जान को लेकर जिला प्रशासन बहुत ही गंभीर है। इसे लेकर प्रशासन, सड़क सुरक्षा कमेटी सदस्य सहित नेता हादसों को लेकर बैठक कर रहे हैं।
हर माह सड़क सुरक्षा को लेकर बैठक की जाती है, जिसमें बढ़ते हादसों पर चिंता जताते हैं। प्रशासन की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जाता है कि बैठकों में समस्याओं पर चर्चाएं तो होती है, लेकिन समाधान पर बात नहीं होती है। यही कारण की हर माह बैठकों के बाद भी सड़क हादसों में कमी आने के बजाए वृद्धि हो रही है। इन बैठकों के बाद भी चिन्हित एवं संभावित किसी सड़क पर हादसों में कमी नहीं आई है। हालही में हुई सड़क सुरक्षा कमेटी की बैठक में जिला प्रशासन के तमाम अधिकारियों सहित विधायक भी उपस्थित रहे। बैठक में चर्चाएं हुई पर हादसों पर अंकुश लगाने के लिए किए जाने कार्यों पर बात नहीं हुई। हर बार बैठक में तैयार योजनाएं कमरे के बाहर खुली हवा में आते ही हवा हो जाती हैं। फिर दोबारा चर्चा इसके बाद अगली बैठक में ही होती है।
सर्दियां शुरू हो चुकी हैं और कुछ दिनों में कोहरा पड़ने लगेगा। ग्रामीण क्षेत्र में धंधु का असर दिखाई देता है। ऐसे में सड़क सुरक्षा के लिए पूर्व में ही कार्य किए जाते हैं। सर्दियां शुरू हो गई हैं, लेकिन सड़क सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार का बंदोबस्त नहीं किया गया। सड़कों पर न तो सफेद-पीली पट्टी खिंचवाई गई हैं, न ही मोड़ व डिवाइडर पर रिफ्लेक्टर बोर्ड लगाए गए हैं। ऐसे में कोहरे में हादसे होना स्वाभिक है। यह सभी बंदोबस्त दो महीने पहले किए जाने थे, लेकिन यह काम अभी तक नहीं किए गए हैं।