यमुनानगर। राजस्थान, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर व पंजाब सहित अन्य बाढ़ ग्रस्त राज्यों से जगाधरी के बर्तन उद्योग की चमक भी फीकी पड़ने लगी है। 1500 करोड़ रुपये की टर्नओवर वाले इस कारोबार के कदम बाढ़ के कारण लड़खड़ा गए हैं। मांग नहीं होने के कारण कारोबार 50 प्रतिशत पर आ टिका है। इन राज्यों में बाढ़ के कारण रास्ते बंद है। ऐसे में ट्रांसपोर्ट से माल आगे नहीं जा पा रहा। इससे कारोबारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
द मेटल मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन के महासचिव सुंदर लाल बत्रा का कहना है बाढ़ के कारण हालात ज्यादा खराब हैं। माल तैयार है, लेकिन खरीदार नहीं मिल रहे हैं। पेमेंट फंस गई हैं। ऐसी स्थिति में फैक्ट्रियां काम अब 50 प्रतिशत रह गया। कारोबार लगातार घाटे में जा रहा है, खाली बैठी लेबर को पैसे देने पड़ रहे हैं। मेटल व्यापार काफी प्रभावित हो रहा है।
बत्रा ने बताया कि जगाधरी नगरी में तैयार होने वाले बर्तन देश के अलावा अमेरिका, साउदी अरब, दुबई, ईरान, कुवैत, तंजानिया, काबुल, जर्मनी, यूएसए, स्पैन सहित अन्य देशों में जाते हैं। लेकिन मंदी के दौर से गुजर रहे कारोबार को काफी नुकसान पहुंच रहा है।
माजा ट्रांसपोर्ट के मालिक गुरबाज सिंह संधू ने बताया कि बारिश के कारण आई बाढ़ से ट्रांपोटेशन भी काफी प्रभावित हो रही है। बाढ़ के कारण रावी नदी का पुल टूटने से पठानकोट के पास काफी संख्या में ट्रक रुके पड़े हैं। माल आगे नहीं जा रहा है, ऐसे में बाढ़ से 50 प्रतिशत तक असर दिखाई दे रहा है। जिले से करीब पांच हजार ट्रक माल को ढोने में लगे हैं, परंतु बाढ़ के कारण एक हजार ट्रक बीच रास्ते में फंसे हैं। संवाद