यमुनानगर। आईटीआई में प्रवेश पाने के बाद दो और अभ्यर्थियों ने दाखिला रद्द करवा दिया। वीरवार को 16 सीटों के लिए होने वाली प्रक्रिया 18 सीटों के लिए की गई। मगर, विद्यार्थियों ने रुचि नहीं दिखाई और उपस्थिति बेहद कम रही। वीरवार को कुल 10 विद्यार्थी दाखिला लेने पहुंचे, जिनमें से पांच के दस्तावेज सही नहीं मिले। इसके चलते उनका आवेदन रद्द कर दिया गया। इस दौरान कुल पांच विद्यार्थियों का ही दाखिला हो पाया। अब आईटीआई की कुल 13 सीटें खाली हैं, जिनके लिए शुक्रवार को भी प्रक्रिया चलेगी। इस बार विद्यार्थी आईटीआई में दाखिला लेने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। बल्कि प्रवेश पा चुके विद्यार्थी दाखिला रद्द करवा रहे हैं। इस सत्र में अब तक कुल 116 विद्यार्थी दाखिला रद्द करवा चुके हैं। विद्यार्थियों में रुझान न होने का असर इस सत्र की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। सत्र में अन्य वर्षों की अपेक्षा काफी देरी हो चुकी है। वहीं विभाग ने दाखिला प्रक्रिया के छठा चरण की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दी है।
आईटीआई दाखिला के लिए विभाग की योजना अनुसार कुल चार ही चरण चलाए जाने थे। परंतु विद्यार्थियों में रुझान न होने के कारण चार चरण में सभी सीटें नहीं भर पाई। ऐसे में विभाग ने पांचवां अतिरिक्त चरण चलाया। इस चरण में भी सभी सीटें नहीं भर पाईं, जिसके बाद छठा चरण चलाया गया। पहले यह चरण 13 से 19 दिसंबर तक चलाया जाना था। विभाग को उम्मीद थी कि शेष 40 सीटें इस चरण में भर जाएंगी, परंतु इस दौरान एक सौ विद्यार्थियों ने संस्थान छोड़ दिया और सीटों की संख्या 140 हो गई। इसके बाद अब तक 16 और विद्यार्थियों ने अपना दाखिला रद्द करवा दिया। दाखिला प्रक्रिया के सभी चरण अधिकतम आठ से दस दिन के रहे। जबकि यह चरण सबसे लंबा चल रहा है और अंतिम सीटें ही नहीं भर पा रही हैं।