संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। दिवाली पर पटाखे बेचने व बजाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है। पटाखों पर प्रतिबंध के कारण व्यापारियों को करोड़ों रुपये का फटका लगा है। पिछले साल कोरोना संक्रमण के कारण पटाखों की बिक्री नहीं हुई थी। प्रशासन ने विक्रेताओं को स्टाल लगाने की अनुमति नहीं थी। प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ व्यापारियों में भारी रोष है।
सभी व्यापारी प्रशासन के खिलाफ एकजुट हो गए हैं। व्यापारियों ने कहना है कि जिले में करीब पांच करोड़ रुपये के पटाखा का भंडार है। व्यापारियों को इस बार दिवाली पर दोहरी बिक्री व आय की उम्मीद थी। जिले के तमाम निर्माता, थोक व परचून व्यापारी इन दिनों भारी तनाव में है। पटाखों पर उनकी मोटी रकम लगी हुई है। यदि माल न बिका तो उन्हें भारी नुकसान होगा।
वहीं दूसरी तरफ इसे लेकर उद्योग व्यापार मंडल हरियाणा का प्रतिनिधिमंडल डीसी व एसपी से मिला। यहां उन्होंने ज्ञापन देकर सरकार से सहयोग मांगा है। वहीं जिला प्रशासन से खुले स्थानों पर बिक्री के लिए लाइसेंस जारी करने की मांग की है। दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने अब व्यापारियों को कुछ राहत दी है। नए आदेशों के अनुसार छोटे ईको फ्रेंडली पटाखे बेच सकते हैं। जिससे वायु व ध्वनि प्रदूषण न हो। आदेशों से व्यापारियों को राहत तो मिल गई है, लेकिन उन्हें अपने नुकसान की चिंता सता रही है।
पटाखा व्यापारी नीरज अरोड़ा, तरुण मखीजा ने बताया कि प्रशासन की ओर से पटाखों पर एकाएक बैन लगा दिया गया है। सरकार को इसका निर्णय छह महीने पहले ही लेना चाहिए था। जब निर्माता माल तैयार कर चुके हैं, व्यापारी पटाखों पर निवेश कर चुके हैं ऐसे में दिवाली से चंद दिन पूर्व इस पर रोक लगाना गलत है। इससे व्यापारी बर्बाद हो जाएंगे।
उद्योग व्यापार मंडल हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र मित्तल, कार्यकारी अध्यक्ष संजय मित्तल, महासचिव संदीप गांधी, प्रदेश महासचिव आशिष मित्तल, योगेश लांबा, संदीप गुप्ता, प्रिंस, सोहिल, अशोक सहित अन्य व्यापारी डीसी पार्थ गुप्ता व एसपी कमलदीप गोयल से मिले। यहां व्यापारियों ने अधिकारियों से पटाखा बिक्री के लिए स्टाल लगाने के लिए लाइसेंस जारी करने की मांग की। अधिकारियों को इसके लिए ज्ञापन सौंपा गया। वहीं अब व्यापार मंडल ने ईको फ्रेंडली पटाखों की बिक्री की अनुमति देने पर सुप्रीम कोर्ट व प्रशासन का आभार जताया है।
सिर्फ ईको फ्रेंडली पटाखे बिकेंगे, प्रशासन देगा लाइसेंस
सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली पर ईको फ्रेंडली पटाखों की बिक्री को हरी झंडी दे दी है। जिसके बाद प्रशासन ने इस पर योजना बनाकर काम शुरू कर दिया है। प्रशासन ने इसके लिए कारोबारियों से आवेदन मांगा है। पटाखा बिक्री के लिए व्यापारी 31 अक्तूबर तक आवेदन कर सकते हैं। एक नवंबर को डीसी कार्यालय के सभागार में ड्रॉ निकालकर लाइसेंस जारी किए जाएंगे।
प्रशासन की ओर से जिले में ईको फ्रैंडली पटाखे बेचने के लिए प्रशासन कुल 44 लाइसेंस जारी करेगा। डीसी पार्थ गुप्ता ने बताया कि इस दौरान जगाधरी वर्कशॉप के रेलवे ग्राउंड में दस स्टाल, जगाधरी पुरानी कचहरी मैदान में दस स्टाल, सेक्टर-18 के ग्राउंड में आठ स्टाल, सरस्वतीनगर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने एक स्टाल, बिलासपुर में सरकारी स्कूल के सामने दो स्टाल, छछरौली के सरकारी स्कूल के मैदान में चार स्टाल, प्रतापनगर में एक स्टाल, साढौरा के हिंदू स्कूल के खेल मैदान में तीन स्टाल, रादौर स्टेडियम के पास खुले मैदान में पांच स्टाल लगाने के लिए लाइसेंस जारी करेगा। इसके लिए व्यापारी 31 अक्तूबर तक आवेदन कर सकते हैं।