संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत जिले के सरकारी स्कूलों में छठी से 12वीं कक्षा तक की छात्राओं को कराटे का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य छात्राओं को अपनी सुरक्षा करने के लिए तैयार करने के साथ खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना भी है।
समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत चल रहे कार्यक्रम के लिए जिले के 80 उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को शामिल किया गया है। इनमें से 50 विद्यालयों में प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। 30 विद्यालयों में अभी प्रशिक्षण शुरू होना बाकी है। कार्यक्रम से जिले की पांच हजार से अधिक छात्राओं को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
समग्र शिक्षा अभियान के सह जिला परियोजना अधिकारी डॉ. धर्मवीर इस वर्ष करीब आठ हजार छात्राओं तक प्रशिक्षण पहुंचाने की योजना है। प्रशिक्षण के तहत प्रत्येक विद्यालय में लगभग 80 से 100 छात्राओं को आत्मरक्षा के तरीके सिखाए जा रहे हैं। इसमें छात्राओं को परिस्थितियों के अनुसार बचाव करने, खतरे को समझने और आत्मविश्वास के साथ उसका सामना करने के लिए तैयार किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम की निगरानी डॉ. धर्मवीर और सहायक परियोजना अधिकारी सुभाष की देखरेख में की जा रही है। जिले में प्रशिक्षण की जिम्मेदारी बमणिया अकादमी और यूथ कराटे एसोसिएशन ऑफ यमुनानगर को दी गई है। अकादमी के संस्थापक विकास बमणिया के अनुसार शेष 30 विद्यालयों जल्द प्रशिक्षण शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभ्यास के दौरान जिन छात्राओं की रुचि और क्षमता सामने आएगी, उन्हें आगे अवसर मिल सकता है।
सरकारी स्कूल में छात्राओं को कराटे के दांवपेच सिखाते कोच। संवाद