यमुनानगर। फीस वृद्धि और वार्षिक चार्ज के संबंध में शिक्षा निदेशालय ने निजी स्कूल संचालकों को पत्र जारी किया है। पत्र के अनुसार कोई भी निजी स्कूल पांच प्रतिशत से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा सकता। वार्षिक चार्ज लेने व स्कूल से किताबें खरीदने को बाध्य करने वालों पर कार्रवाई की बात कही गई है। फिर भी अब तक एक भी निजी स्कूल पर कार्रवाई नहीं हुई। शुक्रवार को भी 20 से अधिक अभिभावक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पहुंचे। उन्होंने डीईओ कार्यालय में जगाधरी के एक निजी स्कूल के खिलाफ मासिक फीस में 30 से 40 प्रतिशत की वृद्धि करने के आरोप लगाए।
इस बावत शिकायतकर्ता तेजिंद्र सिंह, गुरप्रीत सिंह, संदीप सिंह, पुनीत आहुजा, रितु, प्रणव कुमार, दुष्यंत, विक्रम, गुरमुख सिंह, सुरेंद्र सैनी, मनोज कुमार, संजीव ने बताया कि उनके बच्चे जगाधरी के एक निजी स्कूल में पढ़ते हैं। पिछले साल स्कूल ने फीस बढ़ाने के साथ-साथ वार्षिक चार्ज भी लिया था। इस साल पिछले साल की अपेक्षा स्कूल ने 30 से 40 प्रतिशत फीस बढ़ा दी है। जिसे वह जमा कराने में असमर्थ हैं। वह इस संबंध में स्कूल प्रिंसिपल से भी मिले थे, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई। स्कूल ने वार्षिक चार्ज को फीस में जोड़ दिया है। यह शिक्षा विभाग के आदेशों का उल्लंघन है। इसलिए स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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स्कूलों के आगे प्रशासन बेबस
निजी स्कूलों पर कार्रवाई करने की बजाय प्रशासन उनके आगे बेबस नजर आ रहा है। पहले कहा जा रहा था कि अभिभावक लिखित में शिकायत दें। वह नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करेंगे। जब से शैक्षणिक सत्र शुरू हुआ है तब से अब तक अभिभावक कई बार शिकायतें दे चुके हैं। यहां तक की अंबाला कमिश्नर से मिलकर भी शिकायत दी गई थी। फिर भी किसी निजी स्कूल पर कार्रवाई नहीं की गई। जगाधरी, वर्कशाप रोड, यमुनानगर, बिलासपुर, सरस्वतीनगर समेत सभी जगहों पर स्कूलों में ही किताबें बेची जा रही हैं। कई स्कूल तो ऐसे हैं जिनकी किताबें पांच से सात किलोमीटर दूर बेची जा रही हैं। इन दुकानों पर केवल एक या दो स्कूल की ही किताबें मिल रही हैं। अक्सर किताबों की दुकानें स्कूल के आसपास होती हैं।
शिकायत पर कार्रवाई करेंगे : शिवकुमार धीमान
उप जिला शिक्षा अधिकारी शिवकुमार धीमान ने बताया कि कुछ अभिभावकों ने निजी स्कूलों के खिलाफ फीस वृद्धि व वार्षिक चार्ज लेने की शिकायत की है। शिकायत की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।