साढौरा। भारतीय किसान यूनियन टिकैत ग्रुप के किसानों ने शुक्रवार को पंजाब नेशनल बैंक की शाखा के मुख्य गेट के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने जमीन पर बनवाई लिमिट का सेटलमेंट न होने का आरोप लगाया।
भाकियू के हलका प्रधान सतपाल मानकपुर ने बताया कि उन्होंने 2013 में पीएनबी की शाखा साढौरा से जमीन पर छह लाख की लिमिट करवाई थी। जिसमें उनकी ओर से बैंक से केवल साढ़े चार लाख ही निकाले गए थे। उन्हें राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से जानकारी मिली की कि उनका ब्याज सहित ऋण 12 लाख रुपये हो चुका है। अगर वे बैंक से ओटीएस करना चाहते हैं तो कर सकते हैं।
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सतपाल का कहना है कि जब पीएनबी शाखा प्रबंधक से ओटीएस करने के लिए कहा तो उन्होंने 17 लाख रुपये ऋण बताया जबकि उन्होंने साढ़े चार लाख रुपये ही निकाले थे। अब बैंक के अधिकारी ओटीएस के नाम पर उनसे आठ लाख 70 हजार रुपये की बात कर रहे है। सतपाल का कहना है कि वे ओटीएस के लिए राजी हैं और बैंक को साढ़े चार लाख रुपये देने को तैयार हैं।
धरने की जानकारी पाकर एलडीएम प्रवीन अजमानी मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि किसान सतपाल द्वारा 2013 में लिमिट करवाई गई थी, जोकि अब 17 लाख रुपये हो चुकी है। उन्होंने उच्चाधिकारियों से बातचीत कर आठ लाख 70 हजार रुपये में केस को निपटाने की बात किसानों से कही है, लेकिन वे साढ़े चार लाख रुपये से ज्यादा भरने को तैयार नहीं है।