संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। दूसरे दिन भी जिले के तहसीलदार व नायब तहसीलदार हड़ताल पर रहे। इससे शुक्रवार को भी जिलेभर में एक भी रजिस्टरी नहीं हो पाई। दो दिन की हड़ताल से जिले में करीब 300 रजिस्ट्री अटक गई। करीब 1500 इंतकाल सहित करीब 3500 एफिडेविट व अन्य दस्तावेजों का काम भी लटका रहा।
हड़ताल से जगाधरी तहसील, व्यासपुर तहसील, छछरौली व रादौर तहसील सहित सरस्वतीनगर, प्रतापनगर व साढौरा सब तहसील में भी काम-काज पूरी तरह ठप रहा। जगाधरी तहसील में नायब तहसीलदार के पास ही चार्ज हैं। शुक्रवार नायब तहसीलदार कार्यालय पहुंचे और फिर कुछ देर बाद लौट गए।
हालांकि दूसरे दिन बहुत ही कम लोग तहसील कार्यालय पहुंचे, लेकिन काम न होने से लोगों को परेशानी हो रही है। तहसीलदारों की हड़ताल से जहां लोगों के काम लटक गए हैं। दो दिन में सरकार को करीब चार करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
वहीं दूसरी तरफ इससे लोगों का काम करीब एक सप्ताह लेट हो गया है। इस सप्ताह के पहले तीन दिन पटवारी हड़ताल पर रहे। हालांकि पटवारियों के हड़ताल से इंतकाल, तस्दीक, जमाबंदी, प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेजों का काम लंबित रहा।
अब दो दिन से तहसीलदार और नायब तहसीलदार हड़ताल पर हैं। तीन दिन पटवारियों की और दो दिन तहसीलदार हड़ताल रही। वहीं, शनिवार व रविवार को साप्ताहिक अवकाश है। ऐसे में लोगों को अपने काम के लिए सोमवार को आना पड़ेगा। यह पूरा सप्ताह ऐसे ही निकल गया। अभी हड़ताल की मियाद बढ़ाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई।
जगाधरी तहसील के नायब तहसीलदार अमित सिंह ने बताया कि हड़ताल को लेकर स्टेट कमेटी निर्णय लेगी। स्टेट कमेटी की ओर से जो घोषणा होगी, उसके आधार पर काम किया जाएगा। हड़ताल की मियाद बढ़ाने व स्थगित करने को लेकर देर शाम तक निर्णय लिया जाएगा।