यमुनानगर। मंडी में फसल खरीद के लिए लागू की गई नई शर्तों के विरोध में शनिवार सुबह 11 बजे संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने जिला सचिवालय के सामने अनाज पुराने नेशनल हाईवे पर प्रदर्शन किया।
इस दौरान किसानों ने चार घंटे तक सड़क जाम रखी। जाम लगने से सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। बाद में पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट कर वाहनों कन्हैया साहिब चौक से मधु चौक और सेक्टर-17 में जिमखाना क्लब के सामने से जगाधरी की तरफ भेजा गया। चार घंटे तक वाहन चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
किसानों ने चेतावनी दी कि वह रविवार जगाधरी मंडी में बिना नंबर प्लेट के ट्रैक्टर-ट्रैक्टर में गेहूं और बिना बायोमीट्रिक के अंदर जाएंगे। प्रशासन में दम है तो उन्हें रोक कर दिखाए। दोपहर बाद तीन बजे जाम खुलने से लोगों ने राहत की सांस ली। जाम के दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस के रमन त्यागी, उमेश बुबका तथा इनेलो के जिला प्रधान रोशन लाल ने भी किसानों की मांगों का समर्थन करने के लिए मौके पर पहुंचे।
प्रदर्शन की अगुवाई भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिला प्रधान सुभाष गुर्जर, अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य प्रधान गुरभजन सिंह मझैल और किसान सभा हरियाणा के जिला प्रधान जरनैल सिंह ने की। जाम के दौरान किसानों ने अखिल भारतीय किसान सभा का स्थापना दिवस भी मनाया और मिठाई बांटी। किसान नेता धर्मपाल चौहान और महिपाल चमरौड़ी ने कहा कि हरियाणा सरकार नई-नई शर्तें थोपकर किसानों को परेशान कर रही है।
पोर्टल, गेट पास, बायोमेट्रिक और फसल की नमी से जुड़ी शर्तों के कारण किसानों को मानसिक और शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। ट्रैक्टर के नंबर की फोटो और अन्य वेरिफिकेशन प्रक्रियाओं से सरकार की नीयत पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 2020 के कृषि कानूनों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने कोरोना काल में तीन कानून लागू किए थे, जिन्हें 13 महीने के आंदोलन के बाद वापस लेना पड़ा। संवाद
डीसी कार्यालय के बाहर रोड जाम कर रहे किसानों को संबोधित करते वक्ता। संवाद
डीसी कार्यालय के बाहर रोड जाम कर रहे किसानों को संबोधित करते वक्ता। संवाद