संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। तेज बारिश और यमुना नदी में आई बाढ़ की वजह से इस बार किसानों का काफी नुकसान हुआ है। बाढ़ से जिले में 11361 एकड़ फसल प्रभावित हुई है। सरकार ने ऐसे किसानों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। वहीं किसान सात से 15 हजार रुपये प्रति एकड़ के मुआवजे को नाकाफी बता रहे हैं। वे 50 हजार रुपये प्रति एकड़ की मांग कर रहे हैं।
करीब 300 गांवों में फसल खराब होने की सूचना कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के पास आई है। इनमें फसलों को 25 से 100 प्रतिशत तक धान, गन्ना व पशुचारे को नुकसान हुआ है। यह मुआवजा उन किसानों को मिलेगा जिन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल बीमा नहीं कराया है। जिनका पहले ही बीमा हुआ है उनकी भरपाई बीमा कंपनी करेगी। जिन किसानों की रिपोर्ट तैयार हुई है उसमें ऐसे किसान ज्यादा हैं जिन्होंने फसल बीमा नहीं करवा रखा है।
कृषि विभाग ने अपने स्तर पर जो सर्वे कराया है उसके अनुसार खंड व्यासपुर में 384 एकड़, रादौर में 944 एकड़, छछरौली में 3173 एकड़, साढौरा में 556 एकड़, सरस्वतीनगर में 2199 एकड़, जगाधरी खंड में 4105 एकड़ फसल बाढ़ व बारिश से प्रभावित हुई है। जहां पर फसलों को 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान है उसमें 150 गांवों में 3281 एकड़ में धान, 59 गांवों में 836 एकड़ गन्ना व 93 गांवों में 565 एकड़ पशु चारा बर्बाद हुआ है।
कुल 11361 एकड़ फसल व पशुचारे को नुकसान हुआ है। 0 से 25 प्रतिशत नुकसान में 2892 एकड़ धान, 773 एकड़ गन्ना, 302 एकड़ पशुचारा, 26 से 50 प्रतिशत में 1633 एकड़ धान, 784 एकड़ गन्ना, 173 एकड़ पशु चारा, 51 से 75 प्रतिशत में 1741 एकड़ धान, 286 एकड़ गन्ना व 402 एकड़ पशु चारा, 76 से 100 प्रतिशत में 1536 एकड़ धान, 450 एकड़ गन्ना व 123 एकड़ पशु चारा शामिल है।