जगाधरी। अंबाला शामली ग्रीन कॉरिडोर बनाने के लिए अधिकृत की गई भूमि के मुआवजे के लिए किसान बुधवार को लघु सचिवालय पहुंचे। यहां किसान डीसी से मिले और मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपा। किसानों ने डीसी राहुल हुडा से भूमि का पूरा मुआवजा दिलवाने की गुहार लगाई। किसान भाकियू चढूनी गुट के बैनर तले डीसी से मिलने पहुंचे थे। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भाकियू जिला प्रधान संजू गुंदियाना ने किया।
इस दौरान गांव धनुपुरा, सिली खुर्द सहित आसपास के अन्य गांव के लोग और किसान भी पहुंचे। यहां संजू गुंदियाना ने कहा कि अंबाला शामली ग्रीन कॉरिडोर के लिए रादौर के कई गांवों की जमीन अधिग्रहण की गई है। इसके लिए रादौर के 11 गांवों की 250 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है। इसके लिए सरकार की ओर से किसानों को कलेक्टर रेट के अनुसार मुआवजा दिया जा रहा है। जबकि यह मुआवजा बाजारी दाम से बेहद कम है। संजू गुंदियाना ने कहा कि गांव सिलीखुर्द और धनुपुरा गांव का कलेक्ट्रेट रेट मात्र 18 लाख रुपये तय किया है। कलेक्ट्रेट के आधार पर किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है जो कि नाममात्र है। वहीं सभी किसान पाइपलाइन से सिंचाई करते हैं। हाईवे बनने से किसानों को सिंचाई में परेशानी होगी और दोबारा से पाइप लाइन बिछानी पड़ेगी। सरकार को पाइप लाइन का भी मुआवजा देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण के बाद बची जमीन किसानों के काम की नहीं है। अधिग्रहण के बाद किसानों के पास छोटे-छोटे टुकड़े बचे हैं। जिस पर न तो खेती की जा सकती है और न ही भवन निर्माण हो सकता है। ऐसे में किसानों को इस भूमि का कोई लाभ नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सरकार केवल उतनी जमीन का मुआवजा दे रही है, जो अधिग्रहण की जा रही है। जबकि इस प्रक्रिया से किसानों की शेष भूमि खराब हो रही है। सरकार को उस भूमि का भी मुआवजा देना चाहिए। इस दौरान डीसी ने किसानों को उनकी मांग सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।