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जिला मुख्यालय पर तीन घंटे धरना देकर किसानों ने घेरा शिक्षामंत्री का आवास

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लघु सचिवालय के सामने धरने पर बैठे किसान व संबोधित करते नेता। - फोटो : Yamuna Nagar
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कृषि कानून रद्द करवाने को लेकर सोमवार को किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकाल कर कैबिनेट मंत्री के आवास का घेरावा किया। किसानों ने इसके लिए पूर्व में सूचना दी थी। ऐसे में मंत्री के आवास पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। एक घंटे तक किसानों ने मंत्री आवास का घेराव किया। इस दौरान किसानों ने जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों का यह प्रदर्शन पूरी तरह शांति पूर्ण रहा। किसानों के प्रदर्शन को सभी विपक्षी पार्टियों, कर्मचारी संगठनों ने अपना समर्थन दिया।
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सोमवार को सुबह नौ बजे किसान लघु सचिवालय के सामने अनाजमंडी में जमा होने शुरू हो गए। करीब 10 बजे कांग्रेस नेता और रादौर विधायक बीएल सैनी, साढ़ौरा विधायक रेनू बाला, यमुनानगर प्रत्याशी व पार्षद निर्मल चौहान, पूर्व डिप्टी स्पीकर अकरम खान, पूर्व जिला परिषद चेयरमैन व को-ऑर्डिनेटर श्याम सुंदर बत्तरा, पार्षद टिंकू कांबोज सहित अन्य कार्यकर्ता पहुंच गए। यहां पर किसान व नेता धरने पर बैठ गए। तीन घंटे तक किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान नेताओं ने किसानों को संबोधित किया और कहा कि सरकार अपनी जिद्द पर है तो किसानों के इरादे भी अटल हैं। जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती, किसान नहीं मानेंगे। इस दौरान भाकियू नेता संजू गुंदियानी, भाकियू नेता सुभाष गुर्जर ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर कानून रद्द करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने किसानों को समर्थन दिया, लेकिन किसी नेता को मंच से बोलने की अनुमति नहीं दी गई। इस बारे कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह किसानों का प्रदर्शन है राजनीतिक प्रदर्शन नहीं है। यह कानून कृषि, कानून व जनता के खिलाफ ऐसे में पार्टी इसका विरोध कर रही है।
रैली निकाल पहुंच मंत्री के घर
तीन घंटे धरना प्रदर्शन के बाद किसान यहां से ट्रैक्टरों पर सवार होकर रैली निकालते हुए कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुर्जर के आवास पर पहुंचे। यहां किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी। सुरक्षा लिहाजे से अवास से पहले ही पुलिस ने बैरिकेटिंग कर दी थी। लेकिन किसान एक निश्चित दूरी तक पहुंचे और प्रदर्शन किया। भारी पुलिस बल के साथ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
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