यमुनानगर। गेहूं पर प्रति क्विंटल 500 रुपये बोनस, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू न करने तथा पेट्रोल, डीजल की कीमतों की वृद्घि को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने लघु सचिवालय के सामने प्रदर्शन किया। किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। इसके बाद लघु सचिवालय में एसडीएम जगाधरी सुशील कुमार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा।
किसान नेता जरनैल सिंह, महेंद्र सिंह, सुखदेव सिंह, राहुल ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के चलते आज किसान बर्बाद हो गया है। इस बार खेतों में गेहूं न के बराबर निकली। इससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। वहीं बढ़ती महंगाई के चलते किसान फसलों को ठीक से तैयार भी नहीं कर पा रहा है। पेट्रोल, डीजल की कीमतों में बेतहाशा वृद्घि हो गई है। इससे किसानों को अपनी फसलों का लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा।
ये हैं किसानों की मुख्य मांगे
- स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित किया जाए। फसलों की सरकारी खरीद की जाए।
- इस बार गेहूं की फसल पर अधिक तापमान व बरसात की मार पड़ी है। जिसकी वजह से उत्पादन काफी कम हुआ है। इसलिए किसान को प्रति क्विंटल 500 रुपये बोनस दिया जाए।
- किसानों को अडानी साइलो में फसल ले जाने के लिए बाध्य न किया जाए। मंडी व्यवस्था को दुरुस्त करके खरीद तेज की जाए।
- पेट्रोल, डीजल व खाद के मूलय में वृद्घि पर रोक लगाकर वहनीय बनाया जाए।
- मंडियों में गुणवत्ता का बहाना बनाकर किसानों की फसल में स्वीकृत मापदंड से अधिक कटौती न की जाए।
- जिन किसानों की फसल तूफान के दौरान लगी आग से जल गई है उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए।
- गांव कैल से पांवटा साहिब सड़क के लिए जमीन का मुआवजा मार्केट रेट से चार गुणा दिया जाए।