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मौत के बाद शव नहीं देने पर परिजनों ने अस्पताल के बाहर किया हंगामा

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अस्पताल में महिला की मौत और बाद में उसे कोरोना पॉजिटिव बताकर शव न देने को लेकर मृतका के परिजनों ने हार्टकेयर अस्पताल के बाहर हंगामा किया। अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को यह कहकर शव नहीं दिया कि महिला कोरोना पॉजिटिव है और नियमानुसार उसका शव नहीं दिया जा सकता। वहीं परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल की लापरवाही के चलते महिला की मौत हुई है। यदि महिला पॉजिटिव थी तो उन्हें पहले क्यों नहीं बताया गया। मृत्यु के बाद क्यों बताया जा रहा है। इसे लेकर महिला के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। अस्पताल में हंगामे की सूचना पर थाना यमुनानगर प्रभारी, रामपुरा चौकी इंचार्ज सहित पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को शांत किया।
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जयधर निवासी एक महिला ने बताया कि उसकी 47 वर्षीय बहन को सांस लेने व हृदय संबंधी दिक्कत थी। वे उसे ईएसआई अस्पताल ले गए। यहां से चिकित्सकों ने उन्हें लालद्वारा स्थित हार्ट केयर सेंटर अस्पताल रेफर कर दिया। महिला ने बताया कि शुक्रवार को जब उनकी बहन को अस्पताल में भर्ती किया गया तो वह ठीक थी और सभी से बातचीत कर रही थी। भर्ती करने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने परिवार के लोगों को उसकी बहन से मिलने भी दिया। महिला ने बताया कि शाम चार बजे प्रबंधन की ओर से कहा गया कि उसकी बहन की मौत हो गई है। जब उन्होंने शव सुपुर्द करने को कहा तो प्रबंधन ने इंकार कर दिया और कहा कि मरीज कोरोना पॉजिटिव थी। जिस कारण नियमानुसार मृतका का शव नहीं दिया जा सकता। शव न देने की बात को लेकर परिजनों अस्पताल के बाहर हंगामा कर दिया। सूचना पर थाना प्रभारी सुखबीर सिंह, रामपुरा चौकी इंचार्ज ओमप्रकाश मौके पर पहुंचे। यहां उन्होंने हंगामा करते परिजनों को समझाने का प्रयास किया।
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परिजनों ने यह दिया तर्क
महिला के परिजनों ने बताया कि महिला को हृदय संबंधी तकलीफ और सांस लेने में परेशानी हो रही थी। जिसके चलते उसे शुक्रवार को यहां भर्ती करवाया गया। परिजनों ने बताया कि भर्ती के दौरान चिकित्सकों ने मरीज से उन्हें मिलने भी दिया। वे सभी उससे बात कर रहे थे। इस दौरान प्रबंधन ने उन्हें नहीं रोका कि महिला पॉजिटिव है। शाम को उसकी मौत हो गई। जिसके बाद उसे पॉजिटिव बताकर शव देने से मना कर दिया। परिजनों ने कहा कि यदि मृतका कोरोना संक्रमित थी, तो परिवार वालों को उनसे क्यों मिल दिया गया। उन्हें पहले की ही क्यों नहीं बताया गया, कि महिला संक्रमित है।
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अस्पताल की ओर से कोई लापवाही नहीं बरती गई है। महिला कोरोना पॉजिटिव थी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। कोरोना संक्रमण से मौत के बाद शव परिजनों को नहीं दिया जाता है। कोविड गाइडलाइन अनुसार संस्कार किया जाता है। संक्रमित होने के कारण शव नहीं दिया गया है।
डॉ. विजय दहिया, सिविल सर्जन, यमुनानगर।
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हंगामे की सूचना पर वे पुलिस के साथ पहुंचे थे। परिजनों का आरोप था कि मामले में महिला पॉजिटिव नहीं है। लेकिन कोविड नोडल अधिकारी ने महिला को पॉजिटिव बताया है। परिजनों को समझाकर शांत कर दिया गया है।
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सुखबीर सिंह, प्रभारी, थाना यमुनानगर।
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