गांव घिलौर निवासी सागर के अपहरण और हत्या के मामले में शुक्रवार को कुरुक्षेत्र के एसपी ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। वहीं शुक्रवार को सागर का शव सोनीपत के खानपुर मेडिकल कॉलेज से गांव पहुंचा। जहां दर्जनों लोगों की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार किया गया। कुरुक्षेत्र एसपी राजेश दुग्गल शुक्रवार को बाबैन और लाड़वा थाना क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे। यहां से वे गुढ़ा बस स्टैंड गए जहां से सागर को अगवा किया गया था। यहां वारदात को लेकर लोगों से बातचीत की गई। यहां एसपी ने आश्वासन दिया कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं पुलिस का दावा कर रही है कि दो हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
बता दें कि सागर का पोस्टमार्टम सोनीपत के खानपुर स्थित मेडिकल कॉलेज में किया गया। कुरुक्षेत्र अस्पताल के चिकित्सकों ने शव की हालत बेहद खराब होने के कारण यहां पोस्टमार्टम न होने की बात कही। जिसके बाद वीरवार को सागर का शव खानपुर मेडिकल भेज दिया गया। शुक्रवार सुबह दस बजे शव गांव घिलौर पहुंचा। सागर की हत्या मामले में ग्रामीणों ने पुलिस पर ढ़िलाई बरतने का आरोप लगाया। जिस कारण ग्रामीणों में पुलिस को लेकर भारी रोष देखा गया।
मृतक सागर के पिता गांव घिबलौर निवासी जरनैल सिंह व जीजा ऋषिपाल पटाक माजरी ने कहा कि पांच हत्यारोपियों में से पुलिस दो लोगों को गिरफ्तार करने का दावा कर रही है। लेकिन अभी पुलिस की ओर से उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई है। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
यह है मामला
गांव गुढा में सोमवार की रात को दोस्त का जन्मदिन मनाकर बाईक से चचेरे भाई के साथ वापिस लौट रहें गांव घिलौर निवासी 23 वर्षीय युवक सागर का अपहरण करने के बाद बुधवार को लाड़वा में हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद शव सरकारी अस्पताल के पीछे झांड़ियों में फेंक दिया गया था। जिसके बाद पुलिस ने शिकायत पर पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। गांव घिलौर निवासी जरनैल सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सोमवार की रात को उसका बेटा सागर व उसका चचेरा भाई लवकेश गांव गुढा में अपने दोस्त अजय वाल्मीकि के जन्मदिवस पर उसके गांव गये थे। इसी दौरान रात के समय लगभग 11 बजे गुढा बस अड्डे पर कार सवार अशोक कुमार, राकेश सैनी, सोनू निवासी गुढा व पंडित व हैप्पी निवासी छपरा ने सागर के साथ मारपीट कर उसका अपहरण कर लिया। रातभर वह सागर को ईधर उधर खोजते रहें थे। लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग पाया था। जबकि बाइक पर सवार युवक का चचेरा भाई अपहरणकर्ताओं के चुंगल से छूटकर भागने में कामयाब हो गया था।