संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले से अंतरराष्ट्रीय एथलीट दिव्यांका चौधरी की निगाहें ओलंपिक पर है। ओलंपिक के लिए क्वालीफाई होने से लेकर पदक जीतने के लिए दिव्यांका ने अपना अभ्यास और कड़ा कर दिया है। पहले सुबह-शाम लगने वाली दौड़ का समय दो-दो घंटे से बढ़ाकर तीन-तीन कर दिया है। ऐसा कर दिव्यांका मैदान में सुबह शाम खूब पसीना बहा रही है।
तेजली गांव समीप सुंदरनगर पार्ट-2 निवासी 24 वर्षीय दिव्यांका चौधरी ने बताया कि अब तक जो पदक हासिल किए, उसमें 21 व 42 किलोमीटर की मैराथन शामिल हैं। उसे ओलंपिक तक पहुंचाना और उसमें देश के लिए खेलना व पदक जीत देश के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को सबसे ऊंचा होते देखना है। यह ठान कर ही खेल मैदान में अभ्यास व प्रतियोगिताओं में उतरती हूं। आगे भी और बेहतर खेल प्रदर्शन करने का अरमान है।
इस पर मैदान में दौड़ने के अभ्यास के समय को और बढ़ाया है। सुबह और शाम तीन-तीन घंटे दौड़ लगा रही हूं, जिससे प्रतियोगिता के समय बेहतर प्रदर्शन सामने आए। साथ ही खेल से जुड़ी डाइट व अन्य बिंदुओं पर भी पूरा फोकस है। इस साल व अगले साल जो भी मैराथन होंगी, उसमें हिस्सा लेगी। पूरा विश्वास है कि ओलंपिक के लिए क्वालीफाई होकर देश के लिए खेलूंगी और पदक जीतकर लाऊंगी।
साउथ एशियन मैराथन में जीता कांस्य पदक
दिव्यांका ने बताया कि वह 10 जनवरी 2021 को बांग्लादेश के ढाका में हुई साउथ एशियन मैराथन में कांस्य पदक जीत चुकी है। अगले साल भी बांग्लादेश के ढाका में हुई साउथ एशियन मैराथन में प्रतिभागिता की। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर आठ वर्षों में 15 पदक हैं। राज्य व जिला स्तर पर भी सैकड़ों पदक हैं। अब अगली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का इंतजार है, जिसमें पदक जीतने के लिए कड़ा अभ्यास जारी है।