यमुनानगर। शहर के आदर्श नगर कैंप कॉलोनी में घरों की छतों से गुजर रही 66 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन में अचानक धमाका हो गया। इसकी चपेट में आने से 12 वर्षीय बच्चा चीवेश गंभीर रूप से झुलस गया। धमाका इतना तेज था कि आधा किमी तक इसकी आवाज सुनाई दी। वहीं धमाके से हाईटेंशन लाइन के नीचे बने कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए और उनमें दरारें आ गई। धमाके की आवाज सुनकर कॉलोनी के लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए और गली में आकर खड़े हो गए। उन्होंने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने क्षतिग्रस्त हुए मकानों के मालिकों के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद क्षेत्रवासियों में आक्रोश है। सोमवार को बिजली निगम के अधिकारी भी घटना स्थल पर पहुंच गए। उन्होंने घटना स्थल पर तारों की स्थिति की जांच की। इसके अलावा कॉलोनी में क्षतिग्रस्त हुई बिजली की लाइनों को ठीक करना शुरू कर दिया है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि आदर्श नगर कैंप कॉलोनी में बसे घरों की छतों से मात्र पांच से छह फीट ऊपर से 66 हजार केवी की हाइटेंशन बिजली की लाइन गुजर रही है। कहीं-कहीं तो तारों की छत से मात्र पांच से छह फीट तक ही ऊंचाई है। जिस कारण हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। बताया जा रहा है साढौरा निवासी प्रवीण का 12 वर्षीय बेटा चीवेश तीन दिन पहले अपनी बुआ के घर आया था। रविवार दोपहर को वह छत पर खेल रहा था। इस दौरान अचानक मकान के ऊपर से गुजर रही बिजली की लाइन में धमका हो गया और चीवेश लाइन की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गया। परिजनों ने बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया है। उधर, एसएचओ थाना गांधी नगर ने बताया कि बच्चे के झुलसने की सूचना पर मौके पर टीम भेजकर जांच कराई गई है।
दीवारों में बड़ा होल तो फर्श की टाइलें उखड़ी
हाईटेंशन लाइन में हुए धमाके से कई मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बताया जा रहा है कि तीन मकानों में सबसे अधिक नुकसान हुआ है। सोनू के मकान की दीवार भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं, फर्श की टाइलें तक उखड़ गई। मकानों की वायरिंग और बिजली के उपकरण भी जल गए।
हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड के एसएसई ओमकृष्ण का कहना है कि आदर्श नगर कैंप कॉलोनी में जो हादसा हुआ है उसमें निगम की कोई लापरवाही नहीं है। वहां से 66 केवी की तार काफी लंबे समय से लगी हुई है। यहां पर मकान बाद में बने हैं बच्चा लोहे के पाइप से तार में फंसी पतंग को उतार रहा था, जिस वजह से ये हादसा हुआ। इस संबंध में क्षेत्र के लोगों को पहले ही हाईटेंशन तार के नीचे किसी भी प्रकार का निर्माण करने को मना किया हुआ है।