संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। मंजिल पाने का संकल्प मजबूत हो तो मुश्किल रास्ते भी हौसला नहीं तोड़ पाते। गांव नगला में बच्चों का शिक्षा के प्रति ऐसा ही जज्बा देखने को मिल रहा है। मंगलवार को बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ गया तो बच्चों के लिए पैदल नदी पार करना मुश्किल हो गया। ऐसे में ग्रामीण ने ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से बच्चों को नदी पार कराकर स्कूल पहुंचाया।
ग्रामीण साहिद, वाहिद, दिलशाद, रोबिन, आमीर, शालिम, असलम ने बताया कि नगला और आसपास के क्षेत्र के कई बच्चे दूसरे गांवों में स्थित स्कूलों में पढ़ने के लिए जाते हैं। उनके लिए नदी पार करना रोजमर्रा की मजबूरी है। सामान्य दिनों में बच्चे किसी तरह नदी पार कर स्कूल पहुंच जाते हैं, लेकिन बारिश के दिनों में नदी का बहाव तेज होने से खतरा बढ़ जाता है। इसके बावजूद बच्चे पढ़ाई नहीं छोड़ते और स्कूल जाने का प्रयास करते हैं।
मंगलवार को बारिश के कारण नदी में पानी अधिक हो गया। तेज बहाव के चलते बच्चों के लिए पैदल नदी पार करना संभव नहीं था। बच्चों को परेशान देखकर एक ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर पहुंचा और उन्हें सुरक्षित नदी के दूसरी ओर पहुंचाया। इसके बाद बच्चे स्कूल के लिए रवाना हुए। घटना ने जहां वर्षों पुरानी समस्या को उजागर किया, वहीं बच्चों के शिक्षा के प्रति जज्बे की भी तस्वीर सामने आई। पुल नहीं होने के कारण बरसात में सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को होती है।
बच्चों का जज्बा बना मिसाल
बारिश, तेज बहाव और खराब मौसम के बावजूद बच्चे स्कूल पहुंचने के लिए प्रयासरत रहते हैं। बच्चों का यह हौसला क्षेत्र की एक गंभीर समस्या की ओर भी ध्यान खींचता है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा हासिल करने के लिए बच्चों को जान जोखिम में डालकर नदी पार नहीं करनी चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नदी पर जल्द पुल या सुरक्षित रास्ते का निर्माण कराया जाए। इससे बरसात के दिनों में आवागमन सुचारु हो सकेगा और बच्चों को स्कूल जाने के लिए जान जोखिम में नहीं डालनी पड़ेगी।
साढौरा विधानसभा में कई बरसाती नदियों पर सरकार ने पुल बनाने का आश्वासन दिया है। जैसे ही मंजूरी मिलेगी पुल का निर्माण शुरू करवा दिया जाएगा। - रेनू बाला विधायक, साढौरा।