संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। गांव नाचरौन में गोगा मेड़ी के नजदीक कांवड़ियों के ठहरने के लिए बनाए गए शिविर में मंगलवार सुबह एक कांवड़िये की मौत हो गई। वह अपने साथी धर्मपाल के साथ बाइक से हरिद्वार से कांवड़ लेकर वापस घर लौट रहे थे। पुलिस ने सूचना मिलने पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
कुरुक्षेत्र जिले के शाहबाद तहसील के गांव तंगौर निवासी गुरमीत और धर्मपाल मंगलवार रात को कांवड़ लेकर वापस आ रहे थे। देर रात होने के कारण दोनों ने नाचरौन गांव के पास गोगा मेड़ी के समीप लगाए गए कांवड़ शिविर में रुकने का निर्णय लिया। दोनों रात में शिविर में ही सो गए। मंगलवार सुबह करीब छह बजे धर्मपाल की नींद खुली तो उसने गुरमीत को उठाने का प्रयास किया।
आवाज देने और कई बार जगाने के बावजूद गुरमीत की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। धर्मपाल ने अन्य कांवड़ियों को इसकी जानकारी दी।
कुछ ही देर में शिविर में लोगों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने नाचरौन के सरपंच को सूचना दी। सरपंच के पहुंचने के बाद स्थानीय चिकित्सक को मौके पर बुलाया गया। जांच के बाद डॉक्टर ने गुरमीत को मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद डायल-112 पर सूचना दी गई। पुलिस और एंबुलेंस की टीम मौके पर पहुंची और शव को रादौर के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में गुरमीत की मौत हृदय गति रुकने से होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस प्रवक्ता चमकौर सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस टीम मामले की जांच कर रही है।
जानकारी देते मृतक गुरमीत सिंह के परिजन। संवाद