अधिकृत होने के पांच साल बाद भी वार्ड-18 की पांच कॉलोनियाें में ज्यादातर क्षेत्र के लोगों को पक्की गलियां व नालियां नसीब नहीं हो पाई हैं। ये आरोप खुद वार्ड से भाजपा पार्षद प्रतिनिधि कर्मवीर गोंदवाल लगा रहे हैं। उक्त कॉलोनियों के विकास कार्यों में देरी के लिए कर्मवीर नगर निगम अफसरों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका आरोप है कि ढाई साल से पक्की गलियों व नालियों के एस्टीमेट की फाइलें निगम दफ्तरों में घूम रही हैं, जिनमें बार-बार नियमों का पेंच बताकर अफसर टेंडर नहीं कर पाए।
नगर निगम यमुनानगर जगाधरी के अंतर्गत वर्ष 2018 में 69 अवैध कॉलोनियों को अधिकृत कर दिया गया था। इनके लिए तीन साल पहले 22.44 करोड़ का बजट मंजूर किया था। जिसमें अटल मिशन फॉर रिजोविनिवेशन एंड अर्बन ट्रांसफार्मेशन के तहत पक्की गलियां व नालियां बननी हैं। दो साल प्रोजेक्ट टेंडर विवाद में लटका रहा, क्योंकि प्रोजेक्ट के तहत वर्ष-2021 में दो बार लगे सिंगल टेंडर का पार्षदों ने विरोध कर दिया और वार्ड वाइज टुकड़ों में टेंडर लगाने की मांग की। इस पर दोबारा वार्ड वाइज एस्टीमेट तैयार हुए और उन पर टेंडर लगाए गए।
किंतु वार्ड-18 से भाजपा पार्षद प्रतिनिधि कर्मवीर गोंदवाल ने आरोप लगाया कि उनके वार्ड की पांच कॉलोनियों के ज्यादातर एरिया के अभी तक भी टेंडर नहीं लगे हैं। इनमें वार्ड के आंबेडकर नगर, कमल नगर, जवाहर नगर, न्यू नानक नगर व पृथ्वी नगर का क्षेत्र शामिल हैं। जहां अभी भी ज्यादातर गलियां कच्ची हैं और पानी निकासी के लिए नालियां नहीं हैं। ऐसे में यहां के लोग क्षेत्र को पंचायत से नगर निगम में शामिल किए जाने पर कोस रहे हैं। कर्मवीर गोंदवाल का आरोप है कि उक्त कॉलोनियों में पक्की गलियों व नालियों के निर्माण के लिए एस्टीमेट फाइलें ढाई साल से नगर निगम के दफ्तरों में घूम रही है। जहां बार-बार अफसर कभी नए नियम तो कभी नए पोर्टल का पेंच बता रहे हैं।
इस बारे में संबंधित शाखा के अफसर से पता करेंगे। मामले में जो भी कार्रवाई नियमानुसार बनेगी, वह अमल में लाई जाएगी।-आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।