संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एमएसएमई विकास कार्यालय करनाल की ओर से जगाधरी के एक निजी होटल में एमएसएमई सशक्तिकरण विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में वक्ताओं ने उद्यमियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए प्रेरित किया।
संगोष्ठी में प्लाईवुड, बर्तन निर्माण और जनरल इंजीनियरिंग क्षेत्र के 150 से अधिक प्रमुख उद्यमियों के अलावा इंजीनियरिंग एवं प्रबंधन संस्थानों के छात्रों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि एमएसएमई मंत्रालय के अपर विकास आयुक्त संजीव चावला ने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाएं लघु उद्योगों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने उद्यमियों से लीन मैन्युफैक्चरिंग अपनाने, उद्यम पोर्टल पर पंजीकरण कराने तथा क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी उन्नयन और गुणवत्ता सुधार से ही भारतीय एमएसएमई वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना सकते हैं।
तकनीकी सलाहकार आईआईपी दिल्ली तुषार के. बंद्योपाध्याय ने उन्नत औद्योगिक पैकेजिंग एवं गुणवत्ता मानकीकरण पर प्रकाश डाला। जिलार्ड इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रबंध निदेशक संजीव सिंह ने इंडस्ट्री 4.0 और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग के व्यावहारिक उपयोग बताए। भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) के उप सलाहकार शरद दत्त ने गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली और परिचालन उत्कृष्टता के सिद्धांतों की जानकारी दी।
एनपीसी चंडीगढ़ के प्रभारी क्षेत्रीय निदेशक अशोक कुमार ने लीन मैन्युफैक्चरिंग और क्लस्टर विकास योजनाओं पर मार्गदर्शन दिया। एनआईडी हरियाणा के त्रिलोक चौहान ने औद्योगिक डिजाइन एवं रैपिड प्रोटोटाइपिंग के महत्व को रेखांकित किया। फियो के व्यापार सुविधा अधिकारी अर्नब चक्रवर्ती ने आयात-निर्यात प्रक्रियाओं तथा विदेश व्यापार नीति की जानकारी साझा की।
जेम विशेषज्ञ आनंद किशोर मिश्रा ने सरकारी खरीद प्रक्रिया और जेम पोर्टल के उपयोग को सरल तरीके से समझाया। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर सहायक निदेशक रमेश राजा, हरपाल सिंह, मीनू धीमान, युवा पेशेवर आरती, रितेश सहित अनेक अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
जगाधरी में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में उपस्थित कारोबारी। डीआईपीआरओ