संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। नगर पालिका कर्मचारियों से अभद्रता करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर पांच दिन तक हड़ताल पर रहे सफाई कर्मचारी शनिवार को काम पर लौट आए। इसके बाद शहर में सफाई व्यवस्था बहाल हो गई।
पालिका के एसआई फूल सिंह ने बताया कि पांच दिन तक सफाई न होने से कस्बे में गंदगी के अंबार लग गए थे। बारिश में गंदगी के कारण जलभराव व बदबू होने से लोग परेशान रहे। सुपरवाइजर विक्रम ने बताया कि शनिवार सुबह से ही सभी कर्मचारी डटकर काम कर रहे हैं। शाम तक यह कस्बे की गंदगी पूरी तरह साफ कर दी जाएगी।
कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने से कस्बावासियों ने राहत महसूस की। वहीं इस प्रकरण के आरोपी भाजपा नेता की अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है। हालांकि कर्मचारियों ने हड़ताल स्थगित कर दी है मामले में ढिलाई बरतने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। पालिका के एसआई के साथत अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में पुलिस कार्रवाई न होने से नाराज साथी कर्मचारियों ने बुधवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी।
कर्मचारियों ने नगर पालिका कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और भाजपा के पूर्व मंडल प्रधान पवन सैनी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। हड़ताल के कारण नगरपालिका का कामकाज ठप हो गया, जबकि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रहने से कस्बे में कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लग गए।
डीएसपी ने नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया कि कार्रवाई होने तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। एसआई फूल सिंह ने बताया कि चार जुलाई को बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान भाजपा के पूर्व मंडल प्रधान पवन सैनी ने उन्हें ड्यूटी करने से रोकते हुए कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
उनका आरोप है कि इस दौरान सरकारी कार्य में भी बाधा पहुंचाई गई। घटना के बाद नगरपालिका सचिव की ओर से पुलिस को लिखित शिकायत देकर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी। घटना के तीन दिन होने पर भी पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
इससे नाराज होकर कर्मचारियों ने सामूहिक हड़ताल का फैसला लिया। हड़ताल से नगरपालिका कार्यालय में आमजन से जुड़े अधिकांश कार्य प्रभावित रहे। विभिन्न कार्यों के लिए कार्यालय पहुंचे लोगों को बिना काम के लौटना पड़ा। वहीं, सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से कस्बे के कई मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा जमा होने लगा था, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।