संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। लघु सचिवालय में स्थित ई-दिशा केंद्र जगाधरी के सीसीटीवी कैमरे महीनों से खराब पड़े हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान इस तरफ नहीं हैं। ज्यादातर सीसीटीवी के तार निकले पड़ हैं। यह खुद निकली हैं या फिर निकाली गई हैं यह भी जांच का विषय है।
सीसीटीवी खराब होना इसलिए भी शक के दायरे में है ,क्योंकि दो अधिवक्ता पहले ही मुख्यमंत्री को शिकायत भेज कर भ्रष्टाचार के आरोप लगा चुके हैं। एसडीएम जगाधरी सोनू राम भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रहे हैं। हालांकि अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो सके कि कर्मचारी भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं।
ई-दिशा केंद्र में लोग अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने, रिन्यू कराने, वाहन की आरसी बनवाने व पासिंग, वाहन ट्रांसफर कराने से लेकर अन्य कार्य कराने के लिए आते हैं। रोजाना दर्जनों की संख्या में लोग अपनी फाइलों को इसमें जमा कराते हैं। कोई भी कर्मचारी आवेदकों से रुपये लेकर कोई काम न करे इसके लिए ई-दिशा केंद्र में सीसीटीवी लगवा रखे हैं।
नियमानुसार तो इन सीसीटीवी की वीडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित होनी चाहिए। इसके लिए इनका चलना जरूरी है। परंतु यह सीसीटीवी महीनों से खराब पड़े हैं। काफी सीसीटीवी की तारें भी निकाली हुई हैं। जिन्हें ठीक कराने तक की जहमत नहीं उठाई गई।
दो अधिवक्ता मुख्यमंत्री को शिकायत भेज कर ई-दिशा केंद्र के स्टाफ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने सीधे आरोप लगाए थे कि डीएल क्लर्क लोगों से रुपये लेकर उनके लाइसेंस बनाती हैं। साथ ही लर्निंग लाइसेंस लेने के लिए लोगों के ड्राइविंग टेस्ट लेने में भी धांधली की जाती है।