रादौर। यमुना नदी में चल रहे खनन के कार्यों से पानी की धारा को मोड़े जाने से किसानों की कई हेक्टेयर भूमि फसलों सहित यमुना नदी में समा गई है। जिससे प्रभावित किसानों में खनन ठेकेदारों के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है। इस मामले को लेकर सोमवार को सुबह 10 बजे गांव संधाला में क्षेत्र के किसानों की ओर से महापंचायत होगी। जिसमें भारतीय किसान यूनियन के नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है।
गांव संधाली निवासी शिवकुमार संधाला ने बताया कि यमुनानदी में चल रहे खनन कार्यों को नियमों को उल्लंघन करके किया जा रहा है। ठेकेदार पानी की धारा को मोड़कर किसानों की यमुना नदी किनारे स्थित भूमि व फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों के दौरान पानी की धारा मोड़े जाने से उनकी दो एकड़ गन्ने व गेहूं की फसल भूूमि सहित यमुना नदी में समा गई है। इसके अलावा किसान अमन, अजय, विकास, रामलाल व अन्य किसानों की भूमि फसलों सहित यमुना की ढाह लगने से पानी में समा गई है। जिससे किसान भूमि हीन होते जा रहे हैं।
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किसानों का आरोप ठेकेदार कर रहे उल्लंघन
किसानों का आरोप है कि ठेेकेदार नियमों का उल्लंघन कर पानी की धारा को मोड़कर उनकी भूमि और फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन के अधिकारी आंख मूंदकर बैठे हुए हैं। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। यदि प्रशासन की ओर से इस बारे सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्र के किसान अनिश्चितकालीन आंदोलन छेड़ने के लिए मजबूर हो जाएंगे।