जगाधरी। विकास आंदोलन के चलते दर्जनों ट्रेनें आठ दिन से रद्द हैं जबकि अन्य गाड़ियाें के रूट बदल कर चलाया जा रहा है। जिससे कई स्टेशनों से संपर्क कट गया है। इससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इससे जहां लोगों को यातायात में दिक्कत आ रही है, वहीं इसका असर व्यापार भी दिखने लगा है। आंदोलन के चलते रेलवे ने इस रूट पर दिल्ली जाने वाली गाड़ियां रद्द कर दी हैं। दिल्ली जाने के लिए अब केवल एक ही ट्रेन हैं। जिसमें भारी भीड़ रहती है। ऐसे में व्यापारियों को परेशानी हो रही है।
ट्रेन न होने के कारण व्यापारी सामान खरीदने दिल्ली नहीं जा पा रहे हैं। जिसका असर व्यापार पर पड़ रहा है। दिल्ली से माल लेने के लिए व्यापारी अक्सर ट्रेन से ही दिल्ली जाते रहते हैं। इनमें रेडिमेड गारमेंट्स, बैग, पर्स, बेल्ट, सजावट का सामान, होजरी का सामान, सौंदर्य प्रसाधन इत्यादि बेचने वाले व्यापारी शामिल हैं।
आंदोलन के चलते रेलवे जालंधर नई दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस, जम्मूतवी बाड़मेर शालीमार एक्सप्रेस रद्द कर दी है। शालीमार एक्सप्रेस का संचालन दिल्ली से किया जा रहा है। इसके बाद यमुनानगर जगाधरी से मात्र अंबाला दिल्ली इंटरसिटी ट्रेन है। ट्रेनें रद्द होने के कारण इस ट्रेन में भीड़ बहुत ज्यादा बढ़ गई है। इससे व्यापारियों को अब तक लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है।
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आंदोलन के चलते नहीं गए दिल्ली
न्यू मार्केट के दुकानदार एवं शहरवासी शानू सहगल ने बताया कि उनका अधिकतर सामान दिल्ली से आता है। इसके लिए वे शालीमार व इंटरसिटी से दिल्ली जाकर अपना सामान बुक करवा कर उसी दिन वापस आ जाते थे। परंतु आंदोलन के चलते वे करीब 10 दिन से दिल्ली नहीं गए हैं। सामान खत्म हो रहा है और ग्राहक भी खाली लौट रहे हैं। जिससे काफी नुकसान हो रहा है।
रेलवे निकाले समाधान
व्यापारी मुकेश सैनी ने बताया कि आंदोलन के चलते दिल्ली की ट्रेनें रद्द हैं। जिससे कारण व्यापारियों को परेशानी हो रही है। व्यापारी इस ट्रेन से दिल्ली जाकर अपना माल बुक करवाकर वापस आ जाते थे परंतु ट्रेन न होने के कारण भीड़ बढ़ गई है। अधिकांश यात्री चढ़ नहीं पाते हैं। इसके बाद उनके पास सड़क मार्ग का विकल्प शेष है। इसका समाधान निकलना चाहिए।