संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। हरियाणा के सरकारी सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के रिटायर्ड कॉलेज प्रिंसिपल्स एंड टीचर्स फेडरेशन (आरसीपीटीएफ) यमुनानगर जोन की बैठक रविवार को डीएवी गर्ल्स कॉलेज में हुई। सभी ने सर्वसम्मति से पूर्व प्राचार्य डॉ. सुषमा आर्य को यमुनानगर जोन का मुख्य संरक्षक तथा डॉ. केआर भारद्वाज को संरक्षक बनाया।
बैठक की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. सुषमा आर्य व प्राचार्य डॉ. उज्ज्वल शर्मा ने संयुक्त रूप से की। डॉ. भारद्वाज ने कहा कि वर्तमान में यमुनानगर जोन में फेडरेशन के सदस्यों की संख्या 82 हो गई है। उन्होंने मांगों का जिक्र करते हुए फेडरेशन के समक्ष आ रही चुनौतियों का वर्णन किया। जोन के वित्त प्रभारी डॉ. अरविंद जैन ने लेखा विवरण प्रस्तुत किया।
प्रदेश महासचिव डॉ. पीआर त्यागी ने कहा कि फेडरेशन के पदाधिकारियों के प्रयासों से प्रदेशभर के सेवानिवृत्त शिक्षक व प्राचार्य काफी संतुष्ट हैं। इसी का परिणाम है कि अब तक फेडरेशन के सदस्यों की संख्या साढ़े सात सौ से अधिक हो गई है। प्रदेशाध्यक्ष डॉ. दिले राम चौधरी ने कहा कि सरकार को सरकारी सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सरकारी महाविद्यालयों के समकक्ष पेंशन तथा चिकित्सा सुविधाएं राजकोष से लागू करनी चाहिए।
बैठक में यमुनानगर जोन के पदाधिकारियों का चुनाव किया गया। इसमें डॉ. दलबीर सिंह को अध्यक्ष, डॉ. शारदा शर्मा को उपाध्यक्ष, डॉ. निर्मल सिंह को सचिव, डॉ. विश्व प्रभा को संयुक्त सचिव तथा डॉ. अरविंद जैन को कोषाध्यक्ष सर्वसम्मति से चुना गया। इसके साथ ही जोन की कार्यकारिणी में सर्वसम्मति से दस सदस्यों को मनोनीत किया गया। डॉ. उज्ज्वल शर्मा ने महासंघ को मजबूत बनाने के सुझाव दिए।
डॉ. जीबी गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। मौके पर डॉ. एसके गर्ग, डॉ. एसएम अरोड़ा, डॉ. एसबी दीक्षित, प्रदीप शर्मा स्नेही, डॉ. बी. मदन मोहन, डॉ. हुकुम सिंह, डॉ. सरोज कुमारी, डॉ. केपी सिंह, डॉ. राजीव भंडारी, डॉ. जगपाल मौजूद रहे। संचालन डॉ. दलबीर सिंह ने किया। जोन की संयोजक समिति के संयोजक डॉ. भारद्वाज ने अतिथियों व सभी सदस्यों का स्वागत किया।